Monsoon Session 2026: मानसूत्र के दसवें दिन लोकसभा में जबरदस्त हंगामा और तीखी बहस देखने को मिली। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 20 जुलाई को छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कथित कार्रवाई को लेकर सरकार पर कड़ा हमला किया, जिसका सत्ता पक्ष ने कड़ा जवाब दिया। टकराव तब और बढ़ गया जब कांग्रेस सांसद और विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि सदन में उनकी गैर-मौजूदगी "डर" की निशानी है।
देश भर के छात्रों की समस्याओं पर सदन को संबोधित करते हुए गांधी ने कहा, "गृह मंत्री में यहां आकर बैठने की हिम्मत नहीं है। वे आज यहां नहीं हैं क्योंकि वे डरे हुए हैं।" इन टिप्पणियों से तुरंत हंगामा मच गया और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सरकार की ओर से जवाबी मोर्चा संभाला। राहुल गांधी की कुछ टिप्पणियों को "गैर-जिम्मेदाराना" बताते हुए रिजिजू ने कांग्रेस नेता पर अपने संवैधानिक पद की गरिमा गिराने का आरोप लगाया।
रिजिजू ने कहा, "यह एक बेबुनियाद आरोप है। विपक्ष का नेता बिना किसी सबूत के किसी वरिष्ठ मंत्री के खिलाफ ऐसे आधारहीन दावे नहीं कर सकता। यह उनके पद और विशेषाधिकार का स्पष्ट उल्लंघन है।" हंगामा बढ़ने पर स्पीकर ओम बिरला ने दखल दिया और विपक्ष के नेता को बिना तथ्यों के व्यक्तिगत आरोप लगाने से बचने की चेतावनी दी। स्पीकर बिरला ने गांधी से कहा, "आप बिना सबूत के आरोप नहीं लगा सकते। यह बहस और तथ्यों का सदन है, न कि बिना किसी आधार के आरोप लगाने की जगह।" दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस के बाद लोकसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। इससे पहले कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की एक टिप्पणी के बाद सदन में अफरा-तफरी मच गई थी। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने उस टिप्पणी को "असंसदीय शब्द" और सदन की मर्यादा का उल्लंघन बताया था।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने दखल देते हुए कहा, "अगर राहुल गांधी ने असंसदीय शब्द का इस्तेमाल न किया होता, तो किसी को कोई आपत्ति नहीं होती। मेरा मानना है कि वे किसी छात्र के नाम पर शब्द का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन असल में वे खुद ही इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। वे असंसदीय शब्द का इस्तेमाल नहीं कर सकते। इसे कार्यवाही से हटा दिया जाना चाहिए।" रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी चेयर से उस शब्द को रिकॉर्ड से हटाने का आग्रह करते हुए कहा, "मैं विनम्रतापूर्वक अनुरोध करता हूं कि विपक्ष के नेता (LoP) द्वारा इस्तेमाल किए गए असंसदीय शब्द को हटा दिया जाए और मैं अपनी तरफ के सभी लोगों से आग्रह करता हूं कि वे चुप रहें और उन्हें सुनें। इसके बाद स्पीकर ओम बिरला ने कार्यवाही से उस शब्द को हटाने का आदेश दिया।