Anti-Paper Leak Bill: विपक्ष के जोरदार हंगामे के बीच आज 29 जुलाई बुधवार को लोकसभा में पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) अमेंडमेंट बिल, 2026 यानी एंटी पेपर लीक बिल पारित हो गया है। यह विधेयक 2024 के मौजूदा कानून को मजजूती प्रदान करता है। तो वहीं, स्पीकर ओम बिरला ने बिल के पारित होने के बाद सदन की कार्यवाही अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दी। बता दें, लोकसभा में ये बिल 27 जुलाई को राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह द्वारा पेश किया गया था। जिसके बाद इस बिल पर चर्चा हुई और आज इसे पारित कर दिया गया है।
दरअसल, सदन में बिल पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। इस दौरान राहुल गांधी ने कहा ‘इस देश के भावी युवाओं ने सड़कों पर जो किया, उससे मैं बहुत उत्साहित और आश्वस्त हुआ। था यह गुस्सा नहीं, यह हिंसा नहीं थी, यह घृणा नहीं थी। यह इस देश के युवाओं, इस देश की भावी पीढ़ी की गहरी अभिव्यक्ति थी, और मुझे लगता है कि भाजपा में मेरे मित्रों सहित सभी राजनीतिक दलों को इस अभिव्यक्ति का सम्मान करना चाहिए।‘ इस पर सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि इस बिल पर सुझाव देने के बजाय राजनीति की जा रही है।
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एंटी पेपर लीक बिल लोकसभा में पारित
बता दें, विधेयक सार्वजनिक परीक्षाओं (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2026 को लोकसभा में पारित कर दिया गया है। यह विधेयक 2024 के प्रावधानों को और मजबूत करने का प्रयास करता है, जिसमें त्वरित जांच, विशेष त्वरित न्यायालयों के माध्यम से शीघ्र सुनवाई, विशेष लोक अभियोजकों की नियुक्ति, अपीलों का समयबद्ध निपटान और अधिक कठोर दंडात्मक प्रावधान शामिल हैं, ताकि सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों और संगठित कदाचार को प्रभावी ढंग से रोका जा सके।
यह विधेयक अनुचित साधनों का सहारा लेने वाले व्यक्तियों के लिए सजा को बढ़ाने का प्रस्ताव करता है, जिसमें कारावास की अवधि को कम से कम पांच साल तक बढ़ाया जाएगा, जिसे दस साल तक बढ़ाया जा सकता है, जबकि वर्तमान में कारावास की अवधि कम से कम पांच साल है। तीन साल से अधिक की सजा को पांच साल तक बढ़ाया जा सकता है। अधिकतम जुर्माने को भी 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये करने का प्रस्ताव है।