Sawan Ka Mahina: कल यानी 30 जुलाई गुरुवार से सावन के पावन महीने की शुरुआत हो रही है। ये महीना भगवान शिव को समर्पित है। इस दौरान भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए महीने के हर सोमवार को व्रत रखा जाता है। खासकर कुवारी लड़कियां मन चाहा वर पाने के लिए भोलेनाथ का व्रत रखती है। भोलेनाथ के भक्त पूजा-पाठ करते है, शिवलिंग पर जलाभिषेक करते हैं। ऐसा करने से जीवन में सुख-शांति का वास होता है और नकारात्मकता दूर होती है।
लेकिन इस बीच महिलाओं के मन में एक ऐसा सवाल होता है, जो उन्हें परेशान कर देता है। दरअसल, महिलाओं की परेशानी का कारण है पीरियड्स। क्या हो अगर पूजा-पाठ या व्रत के दौरान आपको पीरियड्स शुरु हो जाए। महिलाओं के मन में अक्सर यही सवाल उठता है कि क्या पीरियड्स के समय वह व्रत जारी रख सकती है या नहीं? भागवान शिव की पूजा कर सकती है या नहीं? तो चलिए इस सवालों के जवाबों के बारे में जानते है।
सावन का महीना 2026
शुरुआत – 30 जुलाई 2026 (गुरुवार)
समापन - 28 अगस्त 2026 (शुक्रवार)
सावन के महीने में रखें जाने वाले व्रत
पहला व्रत - 03 अगस्त (सावन माह का पहला सोमवार)
दूसरा व्रत - 10 अगस्त (सावन माह का दूसरा सोमवार)
तीसरा व्रत - 17 अगस्त (सावन माह का तीसरा सोमवार)
चौथा व्रत - 24 अगस्त (सावन माह का चौथा सोमवार)
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पीरियड्स के दौरान व्रत रख सकते हैं?
अगर हम शास्त्र की बात करें तो पीरियड्स के दौरान महिलाओं को शारीरिक पूजा-पाठ, मंदिर प्रवेश, शिवलिंग स्पर्श या हवन आदि से दूर रहने की सलाह दी गई है। लेकिन अगर आपने श्रद्धाभाव से व्रत का संकल्प लिया है तो उसे बीच में छोड़ा नहीं जाता। बता दें, महिलाओं को हर महीने पीरियड्स होना प्राकृतिक देन है। इसलिए मन की श्रद्धा और भक्ति को बाहरी दिखावे के ऊपर माना जाता है। पीरियड्स के दौरान व्रत जारी रखा जा सकता है।
पीरियड्स के दौरान कैसे करें पूजा?
पीरियड्स के दौरान सामान्य तौर पर पूजा-पाठ या जलाभिषेक नहीं कर सकते। इस दौरान पूजा वाली जगह और सामान से दूर रहना चाहिए। हालांकि, आप मन में मंत्र का जाप कर सकते हैं। इसके अलावा व्रत कथा सुन सकते हैं।