Meerut Haridwar Link Expressway: उत्तर प्रदेश में गंगा एक्सप्रेसवे के विस्तार की योजना पर तेजी से काम किया जा रहा है। मेरठ से हरिद्वार तक प्रस्तावित लिंक गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए बिजनौर जिले में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है। जिले की चांदपुर तहसील के 34 गांवों की जमीन इस परियोजना में शामिल की जाएगी। इसके लिए किसानों से सहमति पत्र भरवाने और जमीन के दस्तावेजों का सत्यापन करने के निर्देश राजस्व विभाग के अधिकारियों को दिए गए हैं।
बिजनौर में जमीन अधिग्रहण की तैयारी तेज
मेरठ-हरिद्वार लिंक गंगा एक्सप्रेसवे के लिए बिजनौर जिले में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है। एडीएम न्यायिक और यूपी एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) के अधिकारियों ने संबंधित राजस्व कर्मचारियों को किसानों से सहमति पत्र भरवाने के निर्देश दिए हैं।
इसके साथ ही जमीन के बैनामे की प्रक्रिया पूरी करने के लिए भूमि अभिलेखों की जांच की जाएगी। राजस्व विभाग को जमीन की आधार खतौनी का फसली वर्ष 1359 के रिकॉर्ड से मिलान करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
146.2 किलोमीटर लंबा होगा मेरठ-हरिद्वार लिंक एक्सप्रेसवे
मेरठ-हरिद्वार लिंक गंगा एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई लगभग 146.2 किलोमीटर प्रस्तावित है। इसमें उत्तर प्रदेश में करीब 116.8 किलोमीटर और उत्तराखंड में लगभग 29.3 किलोमीटर का हिस्सा शामिल होगा।
इस परियोजना पर करीब 10,761 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। एक्सप्रेसवे को शुरुआत में छह लेन का बनाया जाएगा, जिसे भविष्य में जरूरत के अनुसार आठ लेन तक विस्तारित किया जा सकता है।
मेरठ से हरिद्वार का सफर 90 मिनट में होगा पूरा
मेरठ-हरिद्वार लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण के बाद यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलने की उम्मीद है। वर्तमान में मेरठ से हरिद्वार पहुंचने में लगभग 3 घंटे का समय लगता है, जबकि एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद यह दूरी करीब 90 मिनट में तय की जा सकेगी।
यह एक्सप्रेसवे मेरठ, बिजनौर, अमरोहा और बुलंदशहर के क्षेत्रों को जोड़ते हुए हरिद्वार के मंगलौर और उत्तराखंड सीमा तक पहुंचेगा। इससे यातायात सुगम होने के साथ यात्रा के समय में भी कमी आएगी।
बिजनौर के 109 गांवों की जमीन परियोजना में होगी शामिल
मेरठ-हरिद्वार लिंक एक्सप्रेसवे के लिए बिजनौर जिले के कुल 109 गांवों की जमीन की आवश्यकता बताई गई है।
इनमें तहसीलवार गांवों का विवरण इस प्रकार है:
- सदर तहसील के 62 गांव
- चांदपुर तहसील के 34 गांव
- नजीबाबाद तहसील के 13 गांव
जमीन की खरीद मुख्य रूप से किसानों की सहमति से की जाएगी। इसके बदले किसानों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उचित मुआवजा दिया जाएगा।
चांदपुर तहसील के इन 34 गांवों से गुजरेगा एक्सप्रेसवे
मेरठ-हरिद्वार लिंक गंगा एक्सप्रेसवे के लिए चांदपुर तहसील के जिन 34 गांवों को शामिल किया गया है, उनकी सूची इस प्रकार है:
- रुस्तमपुर
- टांडा
- ढाकीशाहपुर
- मलेशिया
- चुखेड़ी
- सौरभनगर
- राजोपुर बंगर
- जौनपुर
- ताहरपुर गुलाम
- रुकनपुर
- हिलालपुर
- फैजीपुर कस्बा
- पीपलसाना
- चांदपुर
- महमूदपुर कस्बा
- रवाना दरगा
- कराल
- खेड़की
- सेरीसन
- चमरौला
- बाजपुर
- अकबरपुर तिगरी
- उमरी पीर
- फतेहपुर
- महमूदपुर
- पित्तनहेड़ा
- चक उमरी पीर
- टूंगरी
- हसन महमूद
- तुरतीपुर चक
- जौंगी औधा
- हीमपुर दीपा
- सिकरौड़ा
किसानों से सहमति पत्र भरवाने के निर्देश
जमीन चिन्हित होने के बाद अधिग्रहण की कार्रवाई को गति देने की तैयारी है। यूपीडा के अधिकारियों ने बैठक के दौरान संबंधित क्षेत्रों के लेखपालों और राजस्व निरीक्षकों को किसानों से सहमति पत्र भरवाकर जमा कराने के निर्देश दिए हैं।
इसके साथ ही भूमि अभिलेखों की जांच और जमीन के बैनामे की प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया गया है।
किसानों के बैंक खातों में सीधे पहुंचेगा मुआवजा
एक्सप्रेसवे के लिए जमीन देने वाले किसानों को मुआवजे की रकम सीधे उनके बैंक खातों में भेजने की तैयारी है। इसके लिए HDFC बैंक के माध्यम से भुगतान किए जाने की व्यवस्था प्रस्तावित है।
प्रशासन और यूपिडा का लक्ष्य जमीन खरीद की प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से पूरा करना है, ताकि एक्सप्रेसवे निर्माण का काम आगे बढ़ाया जा सके और किसानों को जमीन के बदले निर्धारित मुआवजा मिल सके।