MP: यूनियन कार्बाइड के कचरे को लेकर पीथमपुर में तनाव, 2 युवकों ने की आत्मदाह की कोशिश

MP: यूनियन कार्बाइड के कचरे को लेकर पीथमपुर में तनाव, 2 युवकों ने की आत्मदाह की कोशिश

MP News: धार जिले के पीथमपुर में भोपाल से लाए गए यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे के खिलाफ विरोध बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को घोषित बंद को जनता का व्यापक समर्थन मिला। इस दौरान दो प्रदर्शनकारियों ने आत्मदाह का प्रयास किया। उन्हें तुरंत इंदौर के अस्पताल में भर्ती कराया गया।

बता दें कि,सुबह से पीथमपुर के बाजार पूरी तरह बंद रहे। स्थानीय निवासियों ने चाय-पानी की दुकानें और अन्य व्यवसाय बंद रखकर विरोध में भाग लिया। हालांकि, कुछ प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर जाम लगाने की कोशिश की। लेकिन पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर स्थिति को संभाल लिया।

आमरण अनशन और जनता का समर्थन बढ़ा

गुरुवार से आमरण अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता संदीप रघुवंशी को जनता का बढ़ता समर्थन मिल रहा है। सैलाना विधायक कमलेश डोडियार भी अनशन स्थल पर मौजूद हैं। हालांकि, औद्योगिक क्षेत्र की फैक्ट्रियां चालू हैं, और श्रमिकों की आवाजाही सामान्य बनी हुई है।

कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना

कांग्रेस ने पुलिस लाठीचार्ज और कचरे के निपटान को लेकर बीजेपी सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस ने इसे दमनकारी नीति करार देते हुए कहा कि राज्य में लोकतंत्र खतरे में है।

उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने कांग्रेस के आरोपों को राजनीति बताया। उन्होंने कहा कि कचरे का निपटान वैज्ञानिक प्रक्रिया से किया जा रहा है और इससे किसी तरह का खतरा नहीं है।

भोपाल से 337 टन कचरा पहुंचा पीथमपुर

भोपाल गैस त्रासदी के 40साल बाद यूनियन कार्बाइड के 337टन जहरीले कचरे को ग्रीन कॉरिडोर के जरिए पीथमपुर लाया गया। इसे औद्योगिक अपशिष्ट निपटान इकाई में नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू हुई है।

स्थानीय नागरिकों और इंदौर में विरोध

पीथमपुर और इंदौर के नागरिकों ने कचरे के निपटान का विरोध किया है। उनका कहना है कि यह पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है। इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने सरकार से इस योजना पर पुनर्विचार की मांग की है।

वैज्ञानिक तरीके से निपटान का भरोसा

गैस राहत और पुनर्वास विभाग ने कचरे के सुरक्षित निपटान का भरोसा दिलाया है। विभाग के अनुसार, चार-स्तरीय विशेष फिल्टर से धुएं को शुद्ध किया जाएगा और बची राख को लैंडफिल साइट में सुरक्षित दफन किया जाएगा।

भोपाल गैस त्रासदी की भयावह याद

1984में यूनियन कार्बाइड से निकली जहरीली गैस ने 5,000से अधिक लोगों की जान ली थी और हजारों को अपंग कर दिया था। इसे दुनिया की सबसे बड़ी औद्योगिक त्रासदियों में गिना जाता है।

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