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बच्चों से बुजुर्गों तक...रोजाना कितने अंडे खाना सही, उम्र के हिसाब से तय करें डाइट

बच्चों से बुजुर्गों तक...रोजाना कितने अंडे खाना सही, उम्र के हिसाब से तय करें डाइट

Age-Wise Egg Intake: अंडे को 'सुपरफूड' कहा जाता है, क्योंकि ये उच्च गुणवत्ता वाला प्रोटीन, विटामिन (A, D, E, B12), कोलीन, ल्यूटिन और जिंक जैसे पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। लेकिन कई लोग बिना सोचे-समझे रोजाना 4-5या इससे ज्यादा अंडे खा लेते हैं, जो कुछ मामलों में कोलेस्ट्रॉल या पाचन संबंधी समस्या पैदा कर सकता है। हाल की रिसर्च और स्वास्थ्य संगठनों (जैसे ICMR-NIN 2024, अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन, 2025-2030 Dietary Guidelines for Americans) के अनुसार, उम्र, स्वास्थ्य स्थिति और शारीरिक गतिविधि के आधार पर अंडों की सुरक्षित मात्रा अलग-अलग होती है। स्वस्थ लोगों के लिए रोज 1-2अंडे ज्यादातर सुरक्षित माने जाते हैं, लेकिन ज्यादा खाने से पहले डॉक्टर या न्यूट्रिशनिस्ट से सलाह लें।

उम्र के हिसाब से कितना खाएं अंडा?

1. 1-5साल के बच्चे:आधा से 1पूरा अंडा रोज। ये दिमाग के विकास, हड्डियों और इम्यूनिटी के लिए जरूरी पोषक तत्व देते हैं। ज्यादा देने से एलर्जी या पाचन समस्या हो सकती है।

2. 6-12साल के बच्चे:1अंडा रोज। ग्रोथ स्पर्ट के दौरान प्रोटीन और विटामिन D की जरूरत बढ़ती है, अंडा अच्छा स्रोत है।

3. 13-18साल के किशोर (विशेषकर लड़के/खेलकूद वाले):1-2अंडे रोज, कभी-कभी 2-3अगर ज्यादा एक्टिव हैं। मसल बिल्डिंग और एनर्जी के लिए फायदेमंद।

4. 19-50साल के वयस्क (स्वस्थ, सामान्य गतिविधि वाले):1-2अंडे रोज। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन और कई स्टडीज के अनुसार, ज्यादातर लोगों में ये दिल की सेहत पर नकारात्मक असर नहीं डालते, बल्कि HDL (गुड कोलेस्ट्रॉल) बढ़ा सकते हैं। अगर हाई कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज या हार्ट प्रॉब्लम है, तो हफ्ते में 4-7अंडे तक सीमित रखें।

5. 51साल से ऊपर के बुजुर्ग:1अंडा रोज या हर दूसरे दिन। 2025 Dietary Guidelines में बुजुर्गों के लिए अंडों को हेल्दी एजिंग के लिए महत्वपूर्ण बताया गया है, क्योंकि ये कोलीन और प्रोटीन से मसल लॉस और दिमागी स्वास्थ्य को सपोर्ट करते हैं। हड्डियों की मजबूती के लिए भी फायदेमंद।

कैसे खाएं अंडे?

अंडे का सफेद हिस्सा (एग व्हाइट) लगभग कोलेस्ट्रॉल-फ्री होता है, इसलिए अगर कोलेस्ट्रॉल की समस्या है तो सिर्फ व्हाइट हिस्सा ज्यादा खा सकते हैं। इसके अलावा तला हुआ या ज्यादा तेल में बनाने से कैलोरी बढ़ जाती है। इसलिए उबला या पोच्ड अंडा ही खाएं। बता दें, भारत में ICMR-NIN 2024 गाइडलाइंस में अंडों को फ्लेश फूड्स ग्रुप में शामिल किया गया है और संतुलित मात्रा में लेने की सलाह दी गई है, क्योंकि भारतीय आहार में प्रोटीन की कमी आम है। वहीं, अगर आप शाकाहारी हैं या अंडा नहीं खाते, तो इसकी जगह आप दालें, पनीर, नट्स और दूध ले सकते हैं, क्योंकि इनमें प्रोटीन भरपूर मात्रा में होता है।

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