Lata Mangeshkar Evergreen Songs: सुरों की मल्लिका लता मंगेशकर ने अपने संगीत करियर में एक से बढ़कर एक यादगार गीत गाए हैं। चाहे प्यार का एहसास हो, दिल का दर्द हो या त्योहारों की खुशियां, उनकी आवाज हर मौके को खास बना देती थी। लता मंगेशकर ने हिंदी समेत कई भाषाओं में हजारों गीत गाकर संगीत की दुनिया में अमिट पहचान बनाई। आज भी उनके गाने करोड़ों संगीत प्रेमियों की पहली पसंद हैं।
दिवाली के त्योहार पर भी लता मंगेशकर का एक ऐसा गीत याद किया जाता है, जो करीब 70 साल पुराना होने के बावजूद लोगों के दिलों में अपनी खास जगह बनाए हुए है। मराठी भाषा में गाया गया यह गाना महाराष्ट्र में दिवाली की खुशियों का अहम हिस्सा माना जाता है।
लता मंगेशकर का दिवाली पर गाया सदाबहार मराठी गीत
लता मंगेशकर के दिवाली स्पेशल गानों की बात करें तो 'आली दिवाळी मंगलदायी' (Aali Diwali Mangaldai) का नाम बेहद खास है। यह गीत साल 1956 में रिलीज हुआ था और आज भी दिवाली के अवसर पर महाराष्ट्र के घरों में सुनाई देता है।
लता मंगेशकर की मधुर आवाज में गाया गया यह गीत दिवाली की खुशियों और मंगलमय वातावरण को खूबसूरती से प्रस्तुत करता है। खास बात यह है कि यह किसी फिल्म का गाना नहीं था, बल्कि 'सुमधुर गीते' एल्बम का हिस्सा था।
इस गीत को संगीत और बोल दोनों दत्ता डावजेकर ने दिए थे। उनकी शानदार रचना और लता मंगेशकर की सुरीली आवाज ने इस गीत को एक यादगार पहचान दिलाई।
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दिवाली की सुबह इस गाने के बिना अधूरी
महाराष्ट्र में दिवाली के दौरान 'आली दिवाळी मंगलदायी' गीत का विशेष महत्व है। दिवाली की सुबह इस गाने को सुनना कई परिवारों की परंपरा का हिस्सा बन चुका है। त्योहार के माहौल में यह गीत खुशियों और उत्साह को और बढ़ा देता है।
करीब सात दशक पहले रिकॉर्ड किया गया यह गाना आज भी अपनी लोकप्रियता बनाए हुए है। यही वजह है कि लता मंगेशकर के सदाबहार गीतों में इसका नाम खास तौर पर लिया जाता है।
लता मंगेशकर ने मराठी संगीत को भी दी नई पहचान
लता मंगेशकर ने हिंदी के अलावा मराठी संगीत की दुनिया में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने अपने संगीत सफर की शुरुआत मराठी गीतों से की थी। महज 13 साल की उम्र में उन्होंने 'नाचू या गडे, खेळू सारी मणी हौस भारी' गीत रिकॉर्ड किया था।
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इसके बाद उन्होंने मराठी में कई लोकप्रिय और भावपूर्ण गीत गाए, जिनमें 'नटली चैत्राची नवलाई', 'मोगरा फुलला', 'तिन्ही सांजा सखे मिळाल्या' और 'माझे राणी माझे गाणे' जैसे गीत शामिल हैं।
लता मंगेशकर ने मराठी में लोकगीत, फिल्मी गीत और भावगीत सहित विभिन्न शैलियों में अपनी आवाज का जादू बिखेरा। उनके भाई हृदयनाथ मंगेशकर ने भी उनके कई मराठी गीतों को संगीत से सजाया।
लता मंगेशकर का योगदान हिंदी संगीत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने मराठी संगीत को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। आज भी उनके गीत त्योहारों, खासकर दिवाली के अवसर पर संगीत प्रेमियों के लिए बेहद खास बने हुए हैं।