kal ka Mausam: उत्तर प्रदेश में लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद फिलहाल टूटती नजर आ रही है। कुछ दिनों पहले हुई हल्की प्री-मानसून बारिश के बाद लोगों को लगा था कि अब मौसम सुहाना हो जाएगा और भीषण गर्मी से राहत मिलेगी। लेकिन पिछले तीन-चार दिनों से मौसम ने फिर करवट बदल ली है और कई जिलों में तेज गर्मी और लू का असर बढ़ गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, राज्य में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ गई है। मौसम विभाग ने अगले चार से पांच दिनों तक प्रदेश के करीब 45 जिलों में गर्मी और लू का असर बने रहने की चेतावनी दी है। इसे देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग ने दी जानकारी
मौसम केंद्र लखनऊ के वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि इस समय प्रदेश के ऊपर कोई मजबूत मौसम तंत्र सक्रिय नहीं है। इसी कारण मानसून आगे नहीं बढ़ पा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में मानसून के पूरी तरह पहुंचने में अभी लगभग एक सप्ताह का समय लग सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्की बारिश और गरज-चमक की संभावना है, लेकिन पूर्वी उत्तर प्रदेश में मौसम शुष्क और गर्म बना रहेगा। वहां कई जिलों में लू चलने की आशंका है।
भीषण गर्मी का दिखेगा असर
अवध और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में शनिवार को भी भीषण गर्मी का असर देखने को मिलेगा। बांदा, चित्रकूट, प्रयागराज, वाराणसी, मिर्जापुर, गाजीपुर, आजमगढ़, बहराइच, सीतापुर, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, सुलतानपुर, अयोध्या और आसपास के क्षेत्रों में तेज गर्म हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। इन जिलों में तापमान सामान्य से 2 से 5 डिग्री सेल्सियस अधिक रह सकता है। तापमान की बात करें तो बांदा 43.2 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा।
इसके बाद झांसी में 42.2 डिग्री, प्रयागराज में 41.8 डिग्री और वाराणसी में 41.7 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। लखनऊ का अधिकतम तापमान 40.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और धूप से बचाव करने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है।
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