केंद्र सरकार ने महत्वाकांक्षी एनई-5 दिल्ली-कटड़ा एक्सप्रेसवे कॉरिडोर को अधिसूचित कर दिया है। यह हाई-स्पीड कॉरिडोर NCR को हरियाणा और पंजाब के रास्ते जम्मू-कश्मीर के कटड़ा से जोड़ेगा।
सरकार के अनुसार, वर्तमान में दिल्ली से कटड़ा तक सड़क मार्ग से यात्रा करने में सामान्य परिस्थितियों में 15 से 17 घंटे का समय लगता है। एक्सप्रेसवे के निर्माण के बाद यही यात्रा महज 6 से 8 घंटे में पूरी होने की उम्मीद है, जिससे लाखों यात्रियों और श्रद्धालुओं को सीधा लाभ मिलेगा।
राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क में शामिल हुआ प्रोजेक्ट
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम, 1956 के तहत अधिसूचना जारी कर इस परियोजना को औपचारिक रूप से राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क का हिस्सा बना दिया है। माना जा रहा है कि इस कदम से भूमि अधिग्रहण, विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर), अलाइनमेंट निर्धारण और अन्य बुनियादी ढांचा विकास कार्यों में तेजी आएगी।
NH-344M से होगी शुरुआत
अधिसूचना के मुताबिक, प्रस्तावित एक्सप्रेसवे दिल्ली के रानी खेड़ा गांव के निकट एनएच-344एम से शुरू होगा। इसके बाद यह जसौर खेड़ी के पास कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा और हरियाणा व पंजाब के कई प्रमुख क्षेत्रों से गुजरते हुए जम्मू-कश्मीर के कटड़ा के पास एनएच-144 पर समाप्त होगा।
हरियाणा में यह कॉरिडोर खरखौदा, गोहाना, बुटाना, कलायत और बारटा जैसे क्षेत्रों को जोड़ेगा। वहीं पंजाब में इसका मार्ग गुलजापुर, पटरान, भवानीगढ़, धुरी, मलेरकोटला, अहमदगढ़, मुल्लांपुर दाखा, नूरमहल, कंगसाबू, करतारपुर, गुरदासपुर बाईपास और बलसुआ से होकर गुजरेगा।
धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बड़ा लाभ
इस परियोजना से विशेष रूप से कटड़ा स्थित श्री माता वैष्णो देवी धाम आने वाले श्रद्धालुओं को लाभ मिलने की उम्मीद है। बेहतर सड़क संपर्क के कारण देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा अधिक सुविधाजनक, सुरक्षित और समयबद्ध हो सकेगी। इसके साथ ही क्षेत्र के अन्य धार्मिक और पर्यटन स्थलों के विकास को भी नई गति मिलेगी।
व्यापार और लॉजिस्टिक्स को मिलेगी मजबूती
अधिकारियों का मानना है कि एक्सप्रेसवे केवल यात्री परिवहन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह एक महत्वपूर्ण रणनीतिक माल ढुलाई कॉरिडोर के रूप में भी विकसित होगा। बेहतर कनेक्टिविटी से औद्योगिक क्षेत्रों, कृषि मंडियों और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क तक पहुंच आसान होगी, जिससे व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
रोजगार और निवेश के नए अवसर
केंद्र सरकार की यह पहल देशभर में एक्सप्रेसवे नेटवर्क के विस्तार की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। परियोजना के निर्माण चरण में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन होने की संभावना है। इसके अलावा सड़क किनारे लॉजिस्टिक्स पार्क, होटल, औद्योगिक हब और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के विकास को भी प्रोत्साहन मिलेगा।