Uttarakhand News: उत्तराखंड के काशीपुर में एक ऐसी मौत जिसने पूरे शहर को सवालों के कटघरे में खड़ा कर दिया है। 17 साल के एक नाबालिग की संदिग्ध मौत का मामला अब नया और सनसनीखेज मोड़ ले चुका है। जिस शव को करीब तीन सप्ताह पहले दफना दिया गया था, उसे अब हाईकोर्ट के आदेश पर कब्र से बाहर निकाला गया है। सवाल वही है जो शुरुआत से परिजन पूछते आ रहे हैं,क्या यह आत्महत्या थी या फिर किसी ने हत्या कर उसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की? अब इस सवाल का जवाब तलाशने के लिए प्रशासन, फॉरेंसिक टीम और पुलिस की मौजूदगी में बड़ी कार्रवाई की गई है।
मामला काशीपुर के कटोराताल नई बस्ती का है। यहां 17 वर्षीय मुरसलीन उर्फ अनस 16 मई 2026 की रात करीब 10 बजे रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गया था। परिवार पूरी रात उसकी तलाश करता रहा, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। अगली सुबह यानी 17 मई को जो दृश्य सामने आया उसने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया। नाबालिग का शव घर की तीसरी मंजिल पर बनी एक कोठरी में लोहे के पाइप से लटका हुआ मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और उसी दिन मानपुर रोड स्थित नौगजा कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।
लेकिन यहीं से शुरू हुआ सवालों का सिलसिला। मृतक के पिता इमरान अली का आरोप है कि उनके बेटे की मौत आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या है। परिजनों का दावा है कि हत्या कहीं और की गई और बाद में शव को घर की तीसरी मंजिल पर लटकाकर आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई। परिवार लगातार निष्पक्ष जांच और दोबारा पोस्टमार्टम की मांग कर रहा था।
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जब स्थानीय स्तर पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई तो मृतक के पिता इमरान अली और परिजनों ने नैनीताल हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने बड़ा आदेश देते हुए शव को कब्र से निकालकर दोबारा पोस्टमार्टम कराने के निर्देश जारी कर दिए।
हाईकोर्ट का आदेश मिलते ही शुक्रवार सुबह प्रशासन हरकत में आया। एसडीएम काशीपुर, उत्तराखंड फॉरेंसिक टीम और पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में कब्र खोदकर शव को बाहर निकाला गया। पूरी प्रक्रिया वीडियोग्राफी और प्रशासनिक निगरानी में कराई गई ताकि किसी भी तरह के विवाद की गुंजाइश न रहे।