Haryana News: हरियाणा सरकार ने राज्य के सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए गर्मी की छुट्टियों का उपयोग करने का निर्णय लिया है। शिक्षा विभाग ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि स्कूल खुलने से पहले सभी आवश्यक मरम्मत कार्य और व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएं, ताकि नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत सुचारू रूप से हो सके।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी स्कूल में भवन संबंधी खामियां, खराब बुनियादी सुविधाएं या मरम्मत कार्यों में लापरवाही पाई गई तो संबंधित प्रिंसिपल और हेडमास्टर के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
जिला शिक्षा अधिकारियों को जारी हुए निर्देश
माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को इस संबंध में विस्तृत निर्देश भेजे गए हैं। आदेश के अनुसार, स्कूल प्रमुखों को अवकाश अवधि के दौरान भवनों की मरम्मत, शौचालयों की सफाई एवं रखरखाव, पेयजल व्यवस्था, बिजली आपूर्ति और अन्य आवश्यक सुविधाओं को दुरुस्त करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विद्यार्थियों को स्कूल खुलने के बाद किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
एक लाख रुपये तक खर्च करने की अनुमति
छोटे और आवश्यक मरम्मत कार्यों को समय पर पूरा करने के लिए शिक्षा विभाग ने स्कूलों को वित्तीय अधिकार भी दिए हैं। निर्देशों के अनुसार, स्कूल प्रबंधन उपलब्ध फंड से एक लाख रुपये तक की राशि मरम्मत और रखरखाव कार्यों पर खर्च कर सकेगा।
जिन स्कूलों के पास पर्याप्त बजट उपलब्ध नहीं है, उन्हें एक सप्ताह के भीतर अतिरिक्त फंड की मांग विभाग को भेजने के लिए कहा गया है, ताकि आवश्यक कार्यों में देरी न हो।
अधिकारियों के होंगे औचक निरीक्षण
शिक्षा विभाग ने मरम्मत कार्यों की निगरानी के लिए विशेष व्यवस्था की है। मुख्यालय स्तर के अधिकारियों को छुट्टियों के दौरान विभिन्न स्कूलों का औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।
निरीक्षण के दौरान अधिकारी यह जांच करेंगे कि मरम्मत कार्य और बुनियादी सुविधाओं से संबंधित व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुसार पूरी की जा रही हैं या नहीं।
लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
विभाग ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता को गंभीरता से लिया जाएगा। यदि निरीक्षण के दौरान किसी स्कूल में आवश्यक कार्य अधूरे पाए गए या आदेशों की अवहेलना सामने आई, तो संबंधित प्रिंसिपल या हेडमास्टर के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
नए सत्र से पहले स्कूलों को पूरी तरह तैयार करने का लक्ष्य
हर वर्ष स्कूल खुलने के बाद कई स्थानों पर टूटी हुई दीवारें, खराब शौचालय, पेयजल संकट और बिजली व्यवस्था जैसी समस्याएं सामने आती रही हैं, जिससे विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।