IAS Officer Pension: देश में आईएएस (IAS) अधिकारी की नौकरी सबसे प्रतिष्ठित और प्रभावशाली सेवाओं में गिनी जाती है। लाखों युवा हर साल सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करते हैं और आईएएस बनने का सपना देखते हैं। नौकरी के दौरान मिलने वाली सैलरी, सरकारी बंगला, गाड़ी और अन्य सुविधाओं के बारे में तो लोग जानते हैं, लेकिन रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली पेंशन और सुविधाओं की जानकारी बहुत कम लोगों को होती है।
कितनी मिलती है पेंशन
7वें वेतन आयोग के नियमों के अनुसार, किसी आईएएस अधिकारी को रिटायरमेंट के समय मिलने वाली अंतिम बेसिक सैलरी का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा पेंशन के रूप में दिया जाता है। पेंशन की राशि अधिकारी के पद, सेवा अवधि और अंतिम वेतन के आधार पर तय होती है। उदाहरण के तौर पर, यदि कोई अधिकारी देश के सबसे ऊंचे प्रशासनिक पद, कैबिनेट सेक्रेटरी, के पद से सेवानिवृत्त होता है और उसकी बेसिक सैलरी 2.5 लाख रुपये प्रतिमाह है, तो उसे करीब 1.25 लाख रुपये प्रतिमाह पेंशन मिल सकती है।
VRS पेंशन के पात्र आईएएस
हालांकि, सभी आईएएस अधिकारियों को एक जैसी पेंशन नहीं मिलती। हर अधिकारी की पेंशन उसकी सेवा अवधि और अंतिम वेतन के अनुसार अलग-अलग होती है। जिन अधिकारियों ने लंबी सेवा की होती है, उन्हें अधिक पेंशन का लाभ मिलता है। यदि कोई आईएएस अधिकारी कम से कम 20 वर्ष की नियमित सेवा पूरी करने के बाद स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) लेता है, तो वह पेंशन का पात्र रहता है। लेकिन 20 साल की सेवा पूरी होने से पहले नौकरी छोड़ने या इस्तीफा देने पर सामान्य तौर पर पेंशन का लाभ नहीं मिलता।
मिलती हैं कई सुविधाएं
रिटायरमेंट के बाद अधिकारियों को केवल मासिक पेंशन ही नहीं, बल्कि कई अन्य सुविधाएं भी मिलती हैं। उन्हें ग्रेच्युटी के रूप में एकमुश्त बड़ी राशि दी जाती है। इसके अलावा प्रोविडेंट फंड (PF) का पैसा, बची हुई छुट्टियों के बदले लीव एनकैशमेंट और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सीजीएचएस (CGHS) के तहत मेडिकल सुविधाएं भी मिलती हैं।
कई वरिष्ठ अधिकारियों को रिटायरमेंट के बाद विभिन्न सरकारी आयोगों, समितियों और सलाहकार पदों पर नियुक्त किया जाता है। ऐसे पदों पर उन्हें फिर से वेतन और अन्य सुविधाओं का लाभ मिल सकता है। इस तरह आईएएस अधिकारियों को रिटायरमेंट के बाद आर्थिक सुरक्षा के साथ कई महत्वपूर्ण सुविधाएं भी प्रदान की जाती हैं, जिससे उनका जीवन आरामदायक बना रहता है।
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