Haryana News: हरियाणा के यमुनानगर जिले में एक वांटेड आरोपी को गिरफ्तार करने पहुंची करनाल सीआईए टीम को उस समय भारी विरोध का सामना करना पड़ा, जब ग्रामीणों ने आरोपी को छुड़ाने के लिए पुलिस पर हमला बोल दिया। देखते ही देखते माहौल इतना तनावपूर्ण हो गया कि पुलिसकर्मियों को अपनी जान बचाने के लिए मौके से निकलना पड़ा। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें महिलाएं, पुरुष और बच्चे पुलिस टीम का विरोध करते दिखाई दे रहे हैं।
जानकारी के अनुसार करनाल पुलिस की सीआईए टीम एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में फरार चल रहे आरोपी राजेंद्र कुमार की तलाश में रादौर क्षेत्र की डेहा बस्ती पहुंची थी। पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी अपने परिचित के यहां छिपा हुआ है। टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे हिरासत में ले लिया, लेकिन इसके कुछ ही देर बाद हालात अचानक बदल गए। बताया जा रहा है कि आरोपी के पकड़े जाने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। आरोप है कि उन्होंने पुलिस टीम को घेर लिया और आरोपी को छुड़ाने की कोशिश शुरू कर दी। विरोध बढ़ने पर पुलिस और ग्रामीणों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई।
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प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कुछ ही मिनटों में विवाद उग्र रूप ले गया। महिलाओं और पुरुषों ने सड़क किनारे पड़े ईंट-पत्थर उठाकर पुलिसकर्मियों की ओर फेंकने शुरू कर दिए। इस दौरान पुलिस वाहनों को भी नुकसान पहुंचा। स्थिति बिगड़ती देख सीआईए टीम ने मौके से निकलने का फैसला किया। पुलिसकर्मियों ने किसी तरह अपने वाहनों तक पहुंचकर गांव से बाहर निकलकर खुद को सुरक्षित किया। बताया जा रहा है कि कुछ ग्रामीणों ने काफी दूर तक पुलिस टीम का पीछा भी किया।
घटना की सूचना मिलते ही रादौर थाना पुलिस और अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस के सामने अब दोहरी चुनौती है। एक ओर फरार आरोपी की तलाश जारी है, वहीं दूसरी ओर सरकारी कार्य में बाधा डालने, पुलिस पर हमला करने और आरोपी को छुड़ाने के आरोपों को लेकर संबंधित लोगों की पहचान की जा रही है। पुलिस वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों की मदद से हमले में शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। पूरे मामले का वीडियो सोशल मीडिया में आग की तरह फैल रहा है। हालांकि अभी तक इस मामले में पुलिस की तरफ से कोई अधिकारिक बयान नहीं आया है।