Haryana News: हरियाणा के रोहतक में स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो ने रिश्वतखोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन के जोनल कार्यालय में तैनात एक डाटा ऑपरेटर को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी पर दवाई की दुकान के नए लाइसेंस की फाइल आगे बढ़ाने के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप है।
रोहतक शहर के सेक्टर-3 स्थित फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन के जोनल कार्यालय में तैनात डाटा ऑपरेटर विनय को स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने 12 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोप है कि आरोपी ने एक व्यक्ति से नई मेडिकल शॉप के लाइसेंस की फाइल आगे बढ़ाने के बदले 15 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी।
शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने ट्रैप की योजना बनाई। शिकायतकर्ता से जैसे ही आरोपी ने 12 हजार रुपये लिए, पहले से मौजूद एसीबी टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। रिश्वत की राशि भी बरामद कर ली गई और आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई।
जानकारी के अनुसार आरोपी विनय वर्ष 2019 में HKRN के तहत नियुक्त हुआ था और करीब डेढ़ साल पहले नियमित कर्मचारी बना था। एसीबी अब मामले की गहन जांच कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस मामले में किसी अन्य कर्मचारी की भूमिका तो नहीं है।
इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए रोहतक स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो के इंस्पेक्टर भगत सिंह ने बताया कि शिकायत के आधार पर ट्रैप लगाया गया और आरोपी को 12 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। फिलहाल एसीबी ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस कार्रवाई के बाद फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।