Haryana news : हरियाणा से बड़ी खबर सामने आई है। हरियाणा की स्कूल संचालिका मनीषा हत्याकांड में पुलिस ने दोनों शूटरों को गिरफ्तार कर लिया है। आज आरोपियों को रोहतक से शिमला ले जाया जाएगा। पुलिस दोनों को कोर्ट में पेश कर रिमांड मांगेगी। इसके बाद पुलिस पूछताछ में ही पता चलेगा कि किसके इशारे पर आरोपियों ने मनीषा का मर्डर किया।
मिली जानकारी के अनुसार, इस मर्डर केस में अब तक शिमला पुलिस मनीशा के भाई हिमांक और उसके पार्टनर गोविंद व पति डॉ. सुभाष यादव सहित करीब 20 लोगों से पूछताछ कर चुकी है। वहीं शूटरों की पहचान झज्जर के दुजाना गांव के आशीष अहलावत (22) और रोहतक के सुनियारा निवासी दीपक (25) के रूप में हुई है।
दोनों ने शिमला के सरस्वती पैराडाइज स्कूल में 13 जून को संचालिका मनीषा मित्तल की गोली मारकर हत्या कर दी थी। मनीषा का अपने भाई हिमांक के साथ स्कूल की प्रॉपर्टी को लेकर विवाद चल रहा था।
अब मामले में हिमांक ने एक वीडियो जारी कर कहा- मेरा इस हत्या से कोई लेना देना नहीं है। मेरे ऊपर भी हमला हुआ है, जिसमें मुझे काफी चोटें लगी हैं। वहीं शिमला पुलिस रोहतक में हिमांक के स्कूल की भी जांच कर चुकी है।
शूटरों ने कैसे किया मनीषा का मर्डर…
शिमला पुलिस के अुसार, दोनों शूटर (आशीष व दीपक) एक सफेद रंग की स्विफ्ट कार से शिमला पहुंचे। इन्होंने अपनी पहचान छिपाने के लिए हरियाणा नंबर की गाड़ी में हिमाचल नंबर की फर्जी नंबर प्लेट लगाई। दोनों ने फेस मास्क भी पहने हुए थे।
मास्क लगाकर आए, गोली मारकर फरार: 13 जून को घटना के समय मौजूद रहे प्रत्यक्षदर्शी सिक्योरिटी गार्ड यशपाल ने बताया कि मनीषा मित्तल 10- 15 मिनट के लिए स्कूल परिसर से बाहर गई थीं। जब मनीषा वापस आ रही थी, इसी दौरान दो लड़के मास्क पहने हुए थे। दोनों मनीषा को गोली मारकर भाग गए।
मुख्य सड़क के बजाय लिंक रोड से भागे: ASP शिमला अभिषेक ने बताया कि दोनों आरोपी वारदात को अंजाम देने के बाद मुख्य सड़क के इस्तेमाल के बजाय लिंक रोड का इस्तेमाल करके भागे। एएसपी ने बताया कि दोनों ने यह कनफेस (स्वीकार) कर लिया है कि उन्होंने ही मनीषा को शूट किया है। दो पिस्तौल भी रिकवर की गई है।