Haryana news : उपायुक्त (डीसी) आयुष सिन्हा ने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत जुलाई 2026 माह के लिए अंत्योदय अन्न योजना (एएवाई) एवं बीपीएल श्रेणी के उन पात्र परिवारों को फोर्टिफाइड सरसों तेल उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है, जिनकी परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) में सत्यापित वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये तक है। योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को प्रतिमाह 2 लीटर फोर्टिफाइड सरसों तेल उपलब्ध कराया जाएगा।
डीसी आयुष सिन्हा ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार प्रत्येक पात्र बीपीएल/एएवाई परिवार को प्रति माह दो लीटर फोर्टिफाइड सरसों तेल उपलब्ध कराया जाएगा। एक लीटर तेल 30 रुपये तथा दो लीटर तेल 100 रुपये की रियायती दर पर उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिलेवार आवंटन हैफेड तथा हर-हित (एचएआईसीएल) के बीच आपसी सहमति से निर्धारित किया गया है और संबंधित एजेंसियों को समयबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
डीसी आयुष सिन्हा ने बताया कि हैफेड एवं हर-हित संबंधित जिलों के कन्फेड फोकल प्वाइंट पर फोर्टिफाइड सरसों तेल उपलब्ध कराएंगे। सभी तेल की बोतलों पर भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) की स्वीकृति अंकित होना अनिवार्य होगा। प्रत्येक बोतल पूरी तरह सीलबंद एवं लीकेज-रहित होगी तथा उस पर स्पष्ट रूप से “Not for Sale – For PDS Only” अंकित किया जाएगा। तेल की आपूर्ति 1 लीटर एवं 2 लीटर की पैकिंग में की जाएगी, जिसमें 5 प्रतिशत तेल 1 लीटर बोतलों तथा 95 प्रतिशत तेल 2 लीटर बोतलों में उपलब्ध कराया जाएगा।
डीसी आयुष सिन्हा ने बताया कि एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि जुलाई माह की आपूर्ति के लिए तेल की डिलीवरी 20 से 30 जून के बीच कॉन्फेड फोकल प्वाइंट तक सुनिश्चित की जाए, ताकि उचित मूल्य की दुकानों तक समय पर डोर-स्टेप डिलीवरी कर 01 जुलाई से वितरण प्रक्रिया शुरू की जा सके। कॉन्फेड द्वारा परिवहन ठेकेदारों के माध्यम से सभी फेयर प्राइस शॉप्स तक तेल पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी।
डीसी आयुष सिन्हा ने कहा कि गुणवत्ता नियंत्रण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक यह सुनिश्चित करेंगे कि संबंधित एजेंसी द्वारा उपलब्ध कराया गया फोर्टिफाइड सरसों तेल गुणवत्ता एवं मात्रा नियंत्रण समिति द्वारा जांच के उपरांत ही स्वीकार किया जाए। आवश्यकता पड़ने पर तेल के नमूनों की लैब टेस्टिंग भी कराई जाएगी तथा एफएसएसएआई मानकों के अनुरूप न पाए जाने पर संबंधित एजेंसी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
डीसी ने बताया कि प्रत्येक बोतल पर निर्माण तिथि, उपयोग की अंतिम तिथि, पोषण संबंधी जानकारी तथा “हरियाणा सरकार द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली हेतु आपूर्ति” संबंधी विवरण अंकित होना अनिवार्य रहेगा। उन्होंने कहा कि कुल आपूर्ति में 5 प्रतिशत तेल एक लीटर बोतलों में तथा 95 प्रतिशत तेल दो लीटर बोतलों में उपलब्ध कराया जाएगा।
डीसी आयुष सिन्हा ने बताया कि प्रदेश सरकार ने संबंधित सभी एजेंसियों एवं अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जुलाई 2026 के लिए फोर्टिफाइड सरसों तेल की आपूर्ति एवं वितरण कार्य समयबद्ध, पारदर्शी एवं सुचारू रूप से सुनिश्चित किया जाए, ताकि सभी पात्र लाभार्थियों को इस योजना का पूरा लाभ मिल सके।