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Haryana News: बीरेंद्र सिंह का हुड्डा पर तंज, बोले- मैंने नई पीढ़ी के लिए छोड़ा पद; फिर जाहिर की मुख्यमंत्री बनने की इच्छा

Haryana News: बीरेंद्र सिंह का हुड्डा पर तंज, बोले- मैंने नई पीढ़ी के लिए छोड़ा पद; फिर जाहिर की मुख्यमंत्री बनने की इच्छा

Haryana News: हरियाणा के भिवानी में पूर्व केंद्रीय मंत्री चौ. बीरेंद्र सिंह डूमरखां ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के जन्मदिन पर उन्हें शुभकामनाएं दीं। तो दूसरी तरफ भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर तंज कसा। इस दौरान उन्होंने राजनीति में उम्र, रिटायरमेंट और नई पीढ़ी को मौका देने को लेकर बड़ा बयान दिया। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, हरियाणा कांग्रेस की गुटबाजी, युवाओं और रोजगार के मुद्दे पर भी खुलकर अपनी बात रखी। खास बात यह रही कि एक तरफ उन्होंने खुद के करीब तीन साल पहले राज्यसभा और मंत्री पद छोड़ने को नई पीढ़ी के लिए रास्ता छोड़ना बताया, तो दूसरी तरफ मुख्यमंत्री बनने की इच्छा भी जाहिर की।

पूर्व केंद्रीय मंत्री चौ. बीरेंद्र सिंह डूमरखां ने अपने राजनीतिक साथी और रिश्तेदार पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को जन्मदिन की बधाई दी। उन्होंने कहा कि हुड्डा के साथ उनका राजनीतिक रिश्ता होने के साथ-साथ पारिवारिक और दोस्ती का भी संबंध है। उन्होंने हुड्डा को फोन कर जन्मदिन की शुभकामना देने की कोशिश की, लेकिन बातचीत नहीं हो सकी। इसी दौरान उन्होंने हल्के अंदाज में तंज कसते हुए कहा कि बड़े लोगों से बात होने में समय लगता है।

मार्गदर्शक बनने का मतलब रिटायर होना नहीं है- बीरेंद्र सिंह

राजनीति में उम्र और नेताओं के रिटायरमेंट के सवाल पर बीरेंद्र सिंह ने कहा कि मार्गदर्शक बनने का मतलब रिटायर होना नहीं है। इसका मतलब यह है कि नई पीढ़ी को भी आगे आने का अवसर मिले। उन्होंने कहा कि उन्होंने करीब तीन साल पहले ही राज्यसभा का कार्यकाल पूरा होने से पहले पद छोड़ दिया था और प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर मंत्री पद पर नहीं बने रहने की बात कही थी। उनका कहना था कि नेताओं को नई पीढ़ी के लिए रास्ता छोड़ना चाहिए। हालांकि, मुख्यमंत्री बनने की संभावना के सवाल पर बीरेंद्र सिंह ने साफ कहा कि वह खुद मुख्यमंत्री बन सकते हैं। उनके इस बयान से राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है कि एक ओर वह युवाओं को आगे आने की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर खुद मुख्यमंत्री पद की इच्छा भी जाहिर कर रहे हैं।

हरियाणा कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान और नेतृत्व के सवाल पर उन्होंने कहा कि अब कमान किसी एक व्यक्ति की नहीं है। सीएलपी नेता, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और आने वाला नया संगठन अपनी-अपनी भूमिका निभाएगा। उन्होंने कांग्रेस में चल रही गुटबाजी को सीधे नाराजगी मानने के बजाय संगठन के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया बताया। उनका कहना था कि अब नए लोगों और युवाओं के लिए राजनीति में आगे आने के कई रास्ते खुलेंगे।

युवाओं के मुद्दे पर बीरेंद्र सिंह ने रोजगार को सबसे बड़ा सवाल बताया। उन्होंने कहा कि हरियाणा का युवा रोजगार, शिक्षा और अपने भविष्य को लेकर चिंतित है। मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों में सीटें खाली रहना तथा उच्च शिक्षा को लेकर बढ़ती निराशा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। उन्होंने दावा किया कि देश का पढ़ा-लिखा युवा मौजूदा व्यवस्था से असंतुष्ट है और आने वाले समय में यही वर्ग राजनीतिक बदलाव का बड़ा आधार बन सकता है।

उन्होंने राहुल गांधी के प्रतिरोध के आह्वान को हरियाणा में मजबूती से आगे बढ़ाने की बात कही। बिरेंद्र सिंह ने कहा कि इस अभियान में युवाओं, किसानों और समाज के सभी वर्गों को जोड़ा जाएगा। उन्होंने रोजगार, संविधान और आरक्षण के मुद्दे पर सरकार को घेरने की बात कही। HKRN को लेकर भी उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि नियमित नौकरियों की जगह अस्थायी रोजगार को बढ़ावा दिया गया और आरक्षण व्यवस्था कमजोर हुई।

कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेताओं पर भाजपा के दबाव में होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि जो दबाव में हैं, वे दबे रहें, लेकिन जिन पर दबाव नहीं है उन्हें मैदान में आकर लड़ाई लड़नी चाहिए। उन्होंने कहा कि अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और कांग्रेस में अपनी बात कहने और सवाल उठाने का साहस है।

वहीं, ब्रिक्स सम्मेलन को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए बिरेंद्र सिंह ने कहा कि ब्रिक्स का वैश्विक अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण स्थान है, लेकिन हर उपलब्धि का श्रेय केवल प्रधानमंत्री की व्यक्तिगत उपलब्धि के तौर पर देना उचित नहीं है। उन्होंने आर्थिक सुधारों का जिक्र करते हुए कहा कि किसान और मेहनतकश वर्ग को आज भी अपेक्षित लाभ नहीं मिला।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से राहुल गांधी पर की गई टिप्पणी पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री पद पर बैठे व्यक्ति को अपने राजनीतिक विरोधियों के लिए इस तरह की भाषा के इस्तेमाल से बचना चाहिए। उनका कहना था कि जनता अब राजनीतिक दावों और वास्तविकता के बीच अंतर समझने लगी है।

पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर भी बीरेंद्र सिंह ने कांग्रेस की जीत का दावा किया। उन्होंने कांग्रेस को नंबर वन, आम आदमी पार्टी को दूसरे और अकाली दल को तीसरे स्थान पर रहने का अनुमान जताया, जबकि भाजपा को चौथे स्थान पर बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि भाजपा और अकाली दल के गठबंधन की स्थिति में चुनावी समीकरण बदल सकते हैं।

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