CBSE OSM Row:ओएसएम विवाद के बाद केंद्र सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है। सरकार ने CBSE के चेयरैमन और सचिव को हटा दिया गया है। इसके साथ ही बोर्ड में ऑन स्क्रिन मार्किंग सेवाओं की खरीद प्रक्रिया की जांच के लिए कमेटी का गठन किया गया है।
सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई सीबीएसई की मूल्यांकन और डिजिटल सेवाओं से जुड़े मामलों पर उठ रहे सवालों के बीच की गई है। सरकार ने पूरे मामले की विस्तार से जांच के आदेश दिए हैं। ताकी यह सुनिश्चित किया जा सके की ओएसएम सेवाओं की खरीद प्रक्रिया में कहीं किसी तरह की अनियमितता या नियमों की अनदेखी नहीं हुई।
कमेटी करेगी मामले की जांच
बताया जा रहा है कि सरकार द्वारा गठिक समीति प्रोक्योरमेंट प्रोसेस, टेंडर प्रक्रिया और संबंधित कंपनियों की भूमिका की भी समीक्षा करेगी। समीति यह भी जांच करेगी कि सेवाओं के चयन में सभी कय प्रक्रियाओं का पालन किया गया था या नहीं। सीबीएसई के भीतर हुए इस बड़े प्रशासनिक बदलाव को अहम माना जा रहा है। शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कई लोग इसे बोर्ड की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में अहम कदम मान जा रहे हैं।
Also read: Aaj Ka Mausam: मानसून हुआ एक्टिव! तेज हवाएं-गरज-चमक और बारिश, दिल्ली-हरियाणा समेत 17 राज्यों में IMD का अलर्ट
कैसे हुई विवाद की शुरुआत
दरअसल विवाद की शुरुआत उस वक्त हुई जब सीबीएसई 12वीं के छात्रों ने पहले कॉपी जांच में गड़बड़ी की खबर सामने आई। कई छात्रों का दावा था कि उन्हें धुंधले पेज, गायब सेक्शन और बोर्ड की ऑनलाइन सेवाओं के इस्तेमाल में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मामला तब और बढ़ गया जब ओएसएम प्लेटफॉर्म और टेंडर प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे। जिसके जरिए डिजिटल मूल्यांकन का कॉन्ट्रैक्ट दिया गया था। वहीं, मामला सामने आने के बाद सीबीएसई ने कहा कि छात्रों द्वारा उठाई गई हर वास्तविक चिंता की समीक्षा की जाएगी।