Hanuman Jayanti 2026: हनुमान नाम की रोचक कथा, जानें कैसे पड़ा पवनपुत्र का नाम ‘हनुमान’

Hanuman Jayanti 2026: हनुमान नाम की रोचक कथा, जानें कैसे पड़ा पवनपुत्र का नाम ‘हनुमान’

Hanuman Jayanti 2026: हिंदू धर्म में भगवान हनुमान को कलयुग का सबसे जागृत और शक्तिशाली देवता माना जाता है। मान्यता है कि वे अपने भक्तों की हर संकट में रक्षा करते हैं। उनका नाम लेने मात्र से भय और परेशानियां दूर हो जाती हैं। जो भक्त सच्चे मन से उनकी पूजा करते हैं, उनके जीवन में साहस, शक्ति और सफलता आती है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि हनुमान जी का यह नाम कैसे पड़ा।

क्या था बचपन का नाम?

पौराणिक कथाओं के अनुसार, बचपन में हनुमान जी का नाम मारुति था। एक दिन वे नींद से जागे और उन्हें बहुत तेज भूख लगी। उसी समय उनकी नजर आकाश में चमकते लाल रंग के गोल आकार पर पड़ी। उन्होंने उसे पका हुआ फल समझ लिया। असल में वह सूर्यदेव थे, लेकिन बालक मारुति ने उसे फल मानकर उसे खाने के लिए आकाश में छलांग लगा दी।

मारुति ने सूर्य को निगल लिया

इसी दौरान अमावस्या का दिन था और राहु सूर्य को ग्रहण लगाने के लिए आगे बढ़ रहे थे। लेकिन उससे पहले ही मारुति ने सूर्य को अपने मुख में ले लिया। यह देखकर राहु डर गए और उन्होंने देवराज इंद्र से मदद मांगी। इंद्र ने बालक मारुति को समझाने की कोशिश की, लेकिन जब उन्होंने सूर्य को नहीं छोड़ा, तो इंद्र ने अपने वज्र से उन पर प्रहार कर दिया। इस प्रहार से सूर्य तो मुक्त हो गए, लेकिन मारुति बेहोश होकर धरती पर गिर पड़े। इस चोट से उनकी ठोड़ी, जिसे संस्कृत में ‘हनु’ कहा जाता है, टेढ़ी हो गई।

पवन देव हुए क्रोधित

जब पवन देव को इस घटना की जानकारी मिली, तो वे बेहद क्रोधित हो गए। उन्होंने पूरे संसार में वायु का प्रवाह रोक दिया, जिससे चारों ओर हाहाकार मच गया। तब सभी देवताओं ने मिलकर पवन देव को शांत किया और बालक मारुति को जीवनदान दिया। साथ ही उन्हें कई दिव्य शक्तियों का आशीर्वाद भी दिया। कहा जाता है कि ठोड़ी यानी ‘हनु’ के विकृत होने के कारण ही उनका नाम ‘हनुमान’ पड़ा। इसके बाद वे और भी शक्तिशाली बन गए और आज भी अपने भक्तों की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहते हैं। 

Leave a comment