UP News: मिडिल क्लास परिवारों के लिए हर महीने बिजली का बिल बजट पर असर डालता है। खासकर गर्मियों में AC, कूलर और फ्रिज चलने से बिजली की खपत बढ़ जाती है। ऐसे में घर की छत पर सोलर पैनल लगवाकर बिजली खर्च कम किया जा सकता है। केंद्र सरकार की पीएम सूर्य घर योजना और उत्तर प्रदेश सरकार की सोलर सब्सिडी योजना के जरिए लोगों को आर्थिक मदद भी मिलती है। उत्तर प्रदेश में दोनों योजनाओं का लाभ लेने पर 1 किलोवाट के सोलर सिस्टम पर केंद्र की ओर से 30,000 रुपये और राज्य सरकार की ओर से 15,000 रुपये की सब्सिडी मिलती है। यानी कुल 45,000 रुपये की मदद मिल सकती है। 2 किलोवाट सिस्टम पर कुल सब्सिडी 90,000 रुपये और 3 किलोवाट सिस्टम पर केंद्र से 78,000 रुपये तथा राज्य से 30,000 रुपये यानी कुल 1.08 लाख रुपये तक सब्सिडी मिल सकती है।
ज्यादा क्षमता का सिस्टम भी लगवा सकते हैं
अगर किसी घर की बिजली खपत 300 यूनिट से ज्यादा है तो जरूरत के अनुसार 4 किलोवाट या उससे ज्यादा क्षमता का सोलर सिस्टम लगाया जा सकता है। हालांकि, दी गई जानकारी के अनुसार सरकारी सब्सिडी अधिकतम 3 किलोवाट तक ही मिलेगी।
कैसे करें आवेदन?
सबसे पहले पीएम सूर्य घर पोर्टल पर जाकर ‘Apply for Rooftop Solar’ विकल्प चुनना होगा। इसके बाद उत्तर प्रदेश, अपनी बिजली वितरण कंपनी, कंज्यूमर नंबर, मोबाइल नंबर और ईमेल की जानकारी देकर रजिस्ट्रेशन करना होगा। लॉगिन करने के बाद सोलर सिस्टम की क्षमता चुनकर आवेदन फॉर्म भरना होगा।
DISCOM की मंजूरी जरूरी
आवेदन के बाद संबंधित बिजली वितरण कंपनी आपके कनेक्शन और सिस्टम की क्षमता की जांच करेगी। मंजूरी मिलने के बाद पोर्टल पर उपलब्ध रजिस्टर्ड वेंडर में से किसी एक को चुनना होगा। सब्सिडी पाने के लिए सरकारी पोर्टल पर पंजीकृत वेंडर से ही सिस्टम लगवाना जरूरी है।
नेट मीटर के बाद मिलेगी सब्सिडी
सोलर पैनल लगने के बाद वेंडर इसकी जानकारी पोर्टल पर अपलोड करेगा। इसके बाद DISCOM की ओर से निरीक्षण और नेट मीटर लगाया जाएगा। सिस्टम सही पाए जाने पर कमीशनिंग सर्टिफिकेट जारी होगा। इसके बाद बैंक खाते की जानकारी और कैंसिल चेक जमा करना होगा। सत्यापन पूरा होने के बाद सब्सिडी DBT के जरिए बैंक खाते में भेजी जाएगी।
कितना आ सकता है खर्च?
बताई गई लागत के अनुसार 1 किलोवाट सिस्टम पर करीब 55,000 से 75,000 रुपये, 2 किलोवाट पर 1.10 लाख से 1.40 लाख रुपये और 3 किलोवाट सिस्टम पर करीब 1.60 लाख से 2 लाख रुपये तक खर्च हो सकता है। सोलर सिस्टम की कीमत वेंडर, उपकरण और इंस्टॉलेशन के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है।
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