Delhi PG Policy: दिल्ली के सत्य निकेतन PG हादसे के बाद सरकार एक्शन मोड में नजर आ रही है। दिल्ली सरकार छात्रों के पेइंग गेस्ट आवास (PG) को कानूनी दायरे में लाने की तैयारी कर रही है। सरकार प्रस्तावित ‘पेइंग गेस्ट एकॉमोडेशन रेगुलेशन एंड वेलफेयर बिल 2026’ में रजिस्ट्रेशन, सुरक्षा और किराए की मनमानी पर रोक लगाने के लिए एक व्यापक नीति पर काम कर रही है। जानकारी के अनुसार, मुखर्जी नगर, लक्ष्मी नगर, राजेंद्र नगर और नॉर्थ कैंपस जैसे इलाकों चल रहे PG पर खास ध्यान दिया जाएगा।, जिससे छात्रों को सुरक्षित और पारदर्शी आवास उपलब्ध हो सकें।
इसके लिए शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने छात्रों की सुरक्षा, संरक्षा और किराया विनियमन को मजबूत करने के उद्देश्य से प्रस्तावित उपायों की एक श्रृंखला की रूपरेखा प्रस्तुत की है। प्रस्तावित नीति के तहत, PG संचालकों को PG संचालन लाइसेंस प्राप्त करना होगा और अपने प्रतिष्ठान चलाने से पहले पुलिस और नगर निगम दोनों से सत्यापन करवाना होगा। प्रस्तावित नियमों के तहत PG आवासों के प्रवेश द्वारों और सार्वजनिक क्षेत्रों में CCTV कैमरे लगाना अनिवार्य होगा, और रिकॉर्डिंग को 30 दिनों तक सुरक्षित रखना होगा।
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PG में नाइट गार्ड और वार्डन का होना अनिवार्य
15 या उससे अधिक छात्रों वाले PG के लिए, संचालकों को रात 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच एक लाइसेंस प्राप्त नाइट गार्ड नियुक्त करना होगा। आगंतुक रजिस्टर भी अनिवार्य होंगे, जबकि गैर-निवासी आगंतुकों को सुबह 8 बजे से रात 9 बजे के बीच प्रवेश की अनुमति होगी। नीति के तहत प्रत्येक PG में एक वार्डन होना अनिवार्य होगा, जो या तो परिसर में रहता हो या 500 मीटर के दायरे में उसका ऑफिस हो। आपात स्थिति में वार्डन को 15 मिनट के भीतर शारीरिक रूप से उपस्थित होना होगा।
PG का किराया और सिक्योरिटी डिपॉजिट मनी
मनमानी और अधिक किराए को लेकर उठ रही चिंताओं को दूर करने के लिए, प्रस्तावित नीति में एक रेंट रेगुलेशन कमेटी बनाने का प्रस्ताव दिया गया है, जो इलाके, सुविधाओं, ऑक्यूपेंसी और कॉलेज या ट्रांसपोर्ट से दूरी के आधार पर किराया तय करेगी। तय सीमा से ज्यादा किराया लेने के लिए विशेष अनुमति लेनी जरूरी है। इसके अलावा सिक्योरिटी डिपॉजिट के नाम पर देना वाला किराए तीन महीने तक सीमित रहेगा। यानी तीन महीने से ज्यादा एडवांस लेने पर रोक लगेगी।
बता दें, इस समिति का प्रस्ताव आवास संबंधी मुद्दों पर शैक्षणिक संस्थानों, छात्रों और सरकारी एजेंसियों के बीच समन्वय सुधारने के लिए एक तंत्र के रूप में किया गया है। मालूम हो कि यह प्रस्तावित नीति सत्य निकेतन में पीजी आवास के रूप में इस्तेमाल हो रही एक इमारत के हाल ही में ढहने की घटना के मद्देनजर आई है, जिसमें सात लोगों की जान चली गई थी और छात्र आवास और पीजी के रूप में इस्तेमाल हो रही इमारतों की सुरक्षा की फिर से जांच शुरू हो गई थी। दिल्ली सरकार ने प्रमुख पीजी केंद्रों में इमारतों के संरचनात्मक ऑडिट की भी घोषणा की है।