Don 3 Controversy: फिल्म डॉन 3 को लेकर बॉलीवुड में शुरू हुआ विवाद अब कानूनी लड़ाई में बदल गया है। यह मामला अभिनेता रणवीर सिंह, निर्देशक-निर्माता फरहान अख्तर और फिल्म इंडस्ट्री की दो बड़ी संस्थाओं FWICE और IMPPA से जुड़ा हुआ है। हालांकि इस पूरे विवाद में अभी तक न तो रणवीर सिंह और न ही फरहान अख्तर कोर्ट में सीधे तौर पर पेश हुए हैं। यह विवाद तब और बढ़ गया जब फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉयीज (FWICE) ने रणवीर सिंह के खिलाफ “नॉन-कोऑपरेशन” ऑर्डर जारी कर दिया। इस आदेश के अनुसार, FWICE से जुड़े लगभग 5 लाख कलाकार और तकनीशियन रणवीर सिंह के किसी भी प्रोजेक्ट में काम नहीं करेंगे। इसे इंडस्ट्री में एक तरह का अनऑफिशियल बैन माना जा रहा है।
दिंडोशी में याचिका दायर
अब इस पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है। वरिष्ठ निर्माता टी. पी. अग्रवाल ने FWICE और इंडियन मोशन पिक्चर्स प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (IMPPA) के खिलाफ बॉम्बे सिविल कोर्ट, दिंडोशी में याचिका दायर की है। उनका कहना है कि किसी भी संगठन को किसी कलाकार या व्यक्ति के खिलाफ काम न करने का आदेश देने का अधिकार नहीं है। टी. पी. अग्रवाल, जो लंबे समय से फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े रहे हैं, उन्होंने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री आपसी सहयोग और पेशेवर तरीके से चलती है। किसी कलाकार को काम से रोकना या उसके खिलाफ दबाव बनाना गलत है और इससे लोगों की आजीविका और रचनात्मक स्वतंत्रता पर असर पड़ सकता है।
इंडस्ट्री में उठ रहा सवाल
उन्होंने यह भी दावा किया कि ऐसा ही एक मामला पहले 2017 में कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) तक पहुंचा था, जहां अदालत ने भी यह माना था कि ऐसे प्रतिबंध लगाना उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर है। फिलहाल FWICE और IMPPA पर कोर्ट में मामला विचाराधीन है। इस बीच फिल्म डॉन 3 से जुड़ा विवाद और भी जटिल होता जा रहा है। इंडस्ट्री में यह सवाल उठ रहा है कि अगर FWICE पर कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ती है तो फरहान अख्तर और उनकी टीम इस स्थिति को कैसे संभालेंगे। यह पूरा विवाद अब सिर्फ एक फिल्म तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह फिल्म इंडस्ट्री के अधिकारों और नियमों पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है।
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