National Pension Scheme: रिटायरमेंट के लिए पैसा जमा करने की बात आती है तो नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) एक अहम विकल्प माना जाता है। यह बाजार से जुड़ा, कम लागत वाला और टैक्स लाभ देने वाला रिटायरमेंट निवेश विकल्प है। इसके बावजूद कई लोग NPS में निवेश करने से बचते हैं। इसकी बड़ी वजह इससे जुड़े कई भ्रम हैं। आइए जानते हैं NPS को लेकर कौन-कौन सी बातें सही नहीं हैं।
NPS में पैसा लगाने के बाद विकल्प खत्म हो जाते हैं
कई लोगों को लगता है कि NPS में निवेश करने के बाद वे अपने निवेश को बदल नहीं सकते। ऐसा नहीं है। NPS में निवेशक इक्विटी, कॉरपोरेट डेट और सरकारी सिक्योरिटीज के बीच अपना निवेश तय कर सकते हैं। अगर निवेशक को किसी पेंशन फंड मैनेजर का प्रदर्शन पसंद नहीं आता, तो वह उसे बदल भी सकता है। इसके अलावा, PFRDA ने अलग-अलग एसेट क्लास के लिए अलग फंड मैनेजर चुनने की सुविधा भी दी है।
निवेश के लिए बाजार की जानकारी जरूरी है
अगर आपको शेयर बाजार या डेट निवेश की ज्यादा जानकारी नहीं है, तब भी NPS में निवेश किया जा सकता है। इसमें लाइफसाइकिल फंड का विकल्प मिलता है। इन फंड में आपकी उम्र बढ़ने के साथ इक्विटी का हिस्सा धीरे-धीरे कम और सुरक्षित निवेश का हिस्सा बढ़ाया जाता है। इसमें Conservative, Moderate, Balanced और Aggressive जैसे विकल्प शामिल हैं।
NPS में पैसा पूरी तरह लॉक रहता है
यह सही है कि NPS रिटायरमेंट के लिए बनाया गया है और सामान्य तौर पर पैसा 60 साल की उम्र तक निवेश में रहता है। लेकिन कुछ परिस्थितियों में आंशिक निकासी की सुविधा भी है। कुछ शर्तों के तहत बच्चे की पढ़ाई या शादी, गंभीर बीमारी और घर खरीदने या बनाने जैसे कामों के लिए आंशिक निकासी की जा सकती है। निर्धारित नियमों के अनुसार निवेश के तीन साल बाद अपने योगदान का एक हिस्सा निकाला जा सकता है।
रिटायरमेंट पर पूरा पैसा नहीं मिलता
रिटायरमेंट के समय NPS में कम से कम 40 फीसदी राशि से एन्युटी खरीदना जरूरी होता है। इससे नियमित पेंशन जैसी आय मिलती है। वहीं बाकी 60 फीसदी राशि एकमुश्त निकाली जा सकती है और मौजूदा नियमों के तहत यह हिस्सा टैक्स-फ्री हो सकता है।
लंबी अवधि में बड़ा फंड
NPS की सबसे बड़ी ताकत लंबी अवधि और कंपाउंडिंग है। उदाहरण के तौर पर, अगर 30 साल की उम्र से कोई व्यक्ति हर महीने ₹5,000 निवेश करता है और औसतन 9 फीसदी सालाना रिटर्न मिलता है, तो 60 साल की उम्र तक उसका फंड करीब ₹1.7 करोड़ हो सकता है। हालांकि वास्तविक रिटर्न बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा। कुल मिलाकर, NPS उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकता है जो लंबी अवधि में रिटायरमेंट फंड बनाना और नियमित निवेश की आदत बनाए रखना चाहते हैं। हालांकि निवेश से पहले अपनी वित्तीय स्थिति, जोखिम क्षमता और रिटायरमेंट जरूरतों को ध्यान में रखना जरूरी है।
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