Delhi Rain: दिल्ली में शुक्रवार को हुई भारी बारिश ने राजधानी की ड्रेनेज व्यवस्था की एक बार फिर परीक्षा ले ली। तेज बारिश के बाद कई इलाकों में सड़कें पानी से लबालब हो गईं, अंडरपास में पानी भर गया और ट्रैफिक की रफ्तार थम गई। हालात ऐसे रहे कि 20 मिनट का सफर पूरा करने में लोगों को एक घंटे से ज्यादा का समय लग गया। शुक्रवार को दिल्ली में लगातार चौथा बारिश वाला दिन रहा। सुबह 8:30 बजे से रात 8 बजे तक पुष्प विहार में 147.5 मिमी और छतरपुर में 131 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं आया नगर में 87.4 मिमी और पालम में 88.7 मिमी बारिश हुई। सफदरजंग में सुबह 8:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक 77.1 मिमी बारिश दर्ज की गई।
कई इलाकों में जलभराव
भारी बारिश के बाद दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के कई इलाकों में हालात खराब हो गए। मेहरौली-बदरपुर रोड पर करीब दो फीट तक पानी भर गया। ओखला अंडरपास भी पानी में डूब गया। यहां छत से पानी रिसने की शिकायत भी सामने आई। छतरपुर फार्म, महिपालपुर, सैनिक फार्म, वसंत विहार, वसंत कुंज, मालवीय नगर, ग्रेटर कैलाश-2 और संगम विहार में जलभराव की स्थिति बनी रही। धौला कुआं, मथुरा रोड, नेहरू प्लेस, DND फ्लाईवे, कालिंदी कुंज और रिंग रोड जैसे प्रमुख मार्ग भी प्रभावित हुए। शाम 6 बजे तक PWD को 22 स्थानों से जलभराव की शिकायत मिली, जबकि NDMC के पास 15 शिकायतें पहुंचीं। कई इलाकों में पेड़ गिरने और बिजली से जुड़ी समस्याएं भी सामने आईं।
पुराने जलभराव वाले इलाके फिर डूबे
दिल्ली में बारिश के साथ पुराने जलभराव वाले इलाकों की समस्या भी दोबारा सामने आई। सदर बाजार में पानी दुकानों तक पहुंच गया। कृष्णा नगर के लोगों ने पुराने ड्रेनेज सिस्टम पर सवाल उठाए। संगम विहार की आंतरिक सड़कें भी पानी में डूबी रहीं। हालांकि प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक जलभराव वाले स्थानों की संख्या में कमी आई है। 5 अगस्त तक इस मानसून में दिल्ली में 65 जलभराव वाले स्थान दर्ज किए गए, जबकि 2024 में यह संख्या 194 और 2025 में 169 थी।
गुरुग्राम में भी ट्रैफिक की रफ्तार थमी
भारी बारिश का असर दिल्ली से सटे गुरुग्राम में भी दिखाई दिया। यहां करीब 60 मिमी बारिश के बाद शाम के समय ट्रैफिक बुरी तरह प्रभावित हुआ। दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे और उद्योग विहार के आसपास वाहनों की रफ्तार धीमी रही। करीब 40 वाहनों के खराब होने की भी जानकारी सामने आई। बारिश से दिल्ली की हवा को जरूर राहत मिली। लगातार आठ दिनों तक AQI संतोषजनक श्रेणी में रहा और शुक्रवार को AQI 63 दर्ज किया गया। हालांकि, जलभराव, पेड़ गिरने, मकान और दीवारें ढहने तथा लंबे ट्रैफिक जाम ने दिल्ली की बारिश से निपटने की तैयारियों पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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