
Indian Rupee Record Low:भारतीय अर्थव्यवस्था को आज एक बड़ा झटका लगा जब रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले पहली बार 90 के पार चला गया। सुबह के कारोबार में यह 90.13 तक लुढ़क गया, जो अब तक का सबसे निचला स्तर है। पिछली रिकॉर्ड कमजोरी 89.97 (2 दिसंबर) थी, लेकिन आज व्यापार घाटे की चौड़ी हो रही खाई, विदेशी निवेशकों के बहिर्वाह और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की अनिश्चितता ने रुपये को नई गिरावट की ओर धकेल दिया। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने हस्तक्षेप कर इसे 90 के आसपास स्थिर करने की कोशिश की, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि दबाव बरकरार रहेगा।
गिरावट के पीछे क्या कारण?
बता दें, रुपये की यह ऐतिहासिक गिरावट कोई अचानक घटना नहीं है। अक्टूबर 2025 में भारत का व्यापार घाटा रिकॉर्ड 41.7 अरब डॉलर पर पहुंच गया, जो मुख्य रूप से सोने के आयात में तीन गुना वृद्धि (14.7 अरब डॉलर) और अमेरिका को निर्यात में 28% की कमी से हुआ। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने इस साल अब तक 16 अरब डॉलर से अधिक की बिकवाली की है, जो रुपये पर अतिरिक्त बोझ डाल रही है। इसके अलावा भारत-अमेरिका व्यापार सौदे में देरी और अमेरिकी टैरिफ की आशंकाएं बाजार के मनोबल को तोड़ रही हैं।
वैश्विक स्तर पर मजबूत डॉलर (अमेरिकी फेड की ब्याज दर नीतियों से) और कच्चे तेल की अस्थिर कीमतें भी रुपये को कमजोर कर रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, भारत का वास्तविक प्रभावी विनिमय दर (आरईईआर) अब 100 से नीचे आ गया है, जो रुपये को 'अंडरवैल्यूड' साबित करता है। इससे निर्यातकों को फायदा हो सकता है, लेकिन आयात बिल (खासकर ऊर्जा और सोने का) बढ़ जाएगा। RBI ने मंगलवार को डॉलर बेचकर हस्तक्षेप किया, लेकिन दिसंबर के अंत तक 90-91 के दायरे में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
सेंसेक्स-निफ्टी में उतार-चढ़ाव
दूसरी तरफ, रुपये की कमजोरी ने शेयर बाजार को भी हिला दिया है। मंगलवार को बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स 503.63 अंक (0.59%) गिरकर 85,138.27 पर बंद हुए, जबकि निफ्टी 50 143.55 अंक (0.55%) लुढ़ककर 26,032.20 पर समाप्त हुआ। यह तीन सत्रों में लगातार गिरावट का सिलसिला था, जहां एफपीआई ने 3,642 करोड़ रुपये की बिकवाली की। बैंकिंग, मेटल और ऑयल एंड गैस सेक्टर 0.5% तक नीचे रहे, जबकि ऑटो सेक्टर ने 0.3-0.5% की बढ़त दिखाई।
आज के शुरुआती संकेत सकारात्मक हैं, निफ्टी 26,196 पर ट्रेड कर रहा है, जो निफ्टी के पिछले क्लोज से ऊपर है। बाजार में 26,000-26,100 के बीच रेंजबाउंड मूवमेंट की उम्मीद है, जहां 26,100 पर कॉल राइटिंग और 26,000 पर पुट बिल्डअप मजबूत समर्थन दिखा रहा है। डोमेस्टिक निवेशक खरीदार बने हुए हैं, लेकिन रुपये की गिरावट से आयात-निर्भर कंपनियों (जैसे रिलायंस, HDFC बैंक) पर दबाव है। ब्रॉडर मार्केट में मिडकैप फ्लैट और स्मॉलकैप 0.25% ऊपर बंद हुए।
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