फूट-फूट कर रोने लगे बृजभूषण शरण सिंह, वजह जान कर हो जाएंगे हैरान

फूट-फूट कर रोने लगे बृजभूषण शरण सिंह, वजह जान कर हो जाएंगे हैरान

brij bhushan sharan singh: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के नवाबगंज में आयोजित 8 दिवसीय राष्ट्रकथा इन दिनों चर्चा का केंद्र बनी हुई है। कथा के दूसरे दिन एक ऐसा भावुक पल आया, जिसने वहां मौजूद हजारों लोगों की आंखें नम कर दीं। प्रखर वक्ता और आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु रितेश्वर महाराज के शब्दों को सुनकर पूर्व सांसद और भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह मंच पर ही फूट-फूटकर रोने लगे। कथा के दौरान मंच से सद्गुरु रितेश्वर महाराज ने बृजभूषण शरण सिंह के चर्चित दबदबे वाले बयान का जिक्र करते हुए कुछ ऐसी बातें कहीं, जो सीधे पूर्व सांसद के दिल को छू गईं। सद्गुरु रितेश्वर महाराज ने  कहा अगर आप सोचते हैं कि भारत में, उत्तर प्रदेश में या गोंडा में दबदबा सिर्फ बृजभूषण का है और रहेगा तो सुन लीजिए, मैं उनका बाप हूं। मेरा भी दबदबा था, है और रहेगा। रितेश्वर महाराज के इन शब्दों में आध्यात्मिक शक्ति और स्नेह का ऐसा मिश्रण था कि पास ही बैठे बृजभूषण शरण सिंह अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सके। वे मंच पर ही सुबक-सुबक कर रोने लगे।उन्होंने हाथ जोड़कर महाराज को प्रणाम किया और अपने आंसू पोंछते नजर आए। 
 
‘राष्ट्रकथा’ के महत्व पर जोर  
 
सद्गुरु रितेश्वर महाराज ने अपनी कथा में ‘राष्ट्रकथा’ के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि केवल व्यक्तिगत सुख की प्राप्ति जीवन का लक्ष्य नहीं होना चाहिए, बल्कि राम, राष्ट्र और भगवान कृष्ण के प्रति समर्पण ही वास्तविक धर्म है।उन्होंने युवाओं से नशामुक्त रहने और राष्ट्र सेवा के प्रति जागरूक होने का आह्वान किया। उनके वचनों ने न केवल बड़ों को बल्कि वहां मौजूद बच्चों को भी भावविभोर कर दिया।
 
कौन हैं सद्गुरु रितेश्वर महाराज?
 
सद्गुरु रितेश्वर महाराज एक प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु, वक्ता और श्री आनंदम धाम (वृंदावन) के संस्थापक हैं।उनकी आध्यात्मिक यात्रा काफी चुनौतियों भरी रही है।कहा जाता है कि युवावस्था में एक कानूनी विवाद के दौरान उन्होंने जेल की यात्रा की, जिसने उनके जीवन की दिशा बदल दी। जेल के भीतर ही उन्होंने कैदियों के अधिकारों के लिए आवाज उठाई और सत्संग की शुरुआत की।जेल से रिहाई के बाद उन्होंने हिमालय और ब्रज क्षेत्र में कठिन तपस्या की। आज वे देश-विदेश में सनातन धर्म और श्रीमद्भागवत महापुराण के सिद्धांतों का प्रचार कर रहे हैं। 

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