Mann Ki Baat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 26 जुलाई रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 136वें एपिसोड को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने इस साल के अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान ओलंपियाड में भारतीय छात्रों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए देश के युवाओं की उपलब्धियों पर गर्व व्यक्त किया। इसके अलावा उन्होंने विक्रम-1 के सफल प्रक्षेपण की सराहना करते हुए कहा कि इस उपलब्धि ने हर नागरिक को गौरवान्वित किया है और भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है। उन्होंने देश की अंतरिक्ष यात्रा में निजी क्षेत्र की बढ़ती भूमिका पर भी प्रकाश डाला।
अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान ओलंपियाड में भारतीय छात्रों का प्रदर्शन
PM मोदी ने कहा ‘हमारे युवा मित्र विज्ञान के क्षेत्र में भी भारत को गौरवान्वित कर रहे हैं। विज्ञान ओलंपियाड विश्व की सबसे महत्वपूर्ण प्रतियोगिताओं में से हैं और इनमें बड़ी संख्या में छात्र भाग लेते हैं। इस महीने भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान और गणित के ओलंपियाड आयोजित किए गए। इन प्रतियोगिताओं में भारतीय दल ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।‘
ओलंपियाड में उनके असाधारण प्रदर्शन पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा ‘हमारे सभी पांच छात्रों ने भौतिकी ओलंपियाड में स्वर्ण पदक जीते और भरत ने प्रथम स्थान प्राप्त किया... रसायन विज्ञान ओलंपियाड में भी सभी छात्रों ने स्वर्ण पदक जीते। यह अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा है। जीव विज्ञान ओलंपियाड में भी हमारे देश के छात्रों ने स्वर्ण पदक सहित कई पदक जीते। वहीं, गणित ओलंपियाड में हमारे छात्रों ने दो स्वर्ण और चार रजत पदक जीते। मुझे देश के युवाओं पर बहुत गर्व है।‘
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विक्रम-1 के सफल प्रक्षेपण पर क्या बोले PM मोदी
PM मोदी ने कहा ‘पिछले रविवार को विक्रम-1 के सफल प्रक्षेपण ने हर नागरिक को गौरवान्वित किया। हम सभी ने भारतीय अंतरिक्ष क्षेत्र के इस ऐतिहासिक क्षण को देखा।‘ उन्होंने आगे कहा ‘यह निजी क्षेत्र द्वारा विकसित भारत का पहला रॉकेट है। हमारे युवा नवप्रवर्तकों ने कुछ ऐसा कर दिखाया है जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती थी। उन्होंने असाधारण कौशल, जुनून और धैर्य का प्रदर्शन किया है।‘
बता दें, स्काईरूट एयरोस्पेस के विक्रम-1 परीक्षण उड़ान-1 ने 18 जुलाई को सफलतापूर्वक कक्षा में प्रवेश किया, जो भारत के पहले निजी तौर पर विकसित कक्षीय श्रेणी के रॉकेट की पहली उड़ान थी। 'मिशन आगमन' नामक यह मिशन सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च किया गया था। 24 मीटर लंबे कार्बन-कंपोजिट रॉकेट ने अपने सभी निर्धारित उड़ान चरणों को पूरा किया, जिसमें स्टेज पृथक्करण और ऑर्बिटल एडजस्टमेंट मॉड्यूल (OAM) का प्रक्षेपण शामिल था, जिसके बाद इसने अपने पेलोड को लगभग 450 किलोमीटर की कक्षा में स्थापित किया।
INS महेंद्रगिरि और पिनाका को बताया आत्मनिर्भर भारत की पहचान
प्रधानमंत्री ने INS महेंद्रगिरि की स्थापना और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा हाल ही में किए गए रक्षा प्रौद्योगिकी परीक्षणों का हवाला देते हुए भारत की बढ़ती स्वदेशी रक्षा क्षमताओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा ‘कुछ दिन पहले, आईएनएस महेंद्रगिरि को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया। यह आधुनिक युद्धपोत भारत में ही डिजाइन और निर्मित किया गया है। इसमें 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है। यह आत्मनिर्भर भारत की बढ़ती ताकत का प्रतीक है।‘
इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने पिनाका लंबी दूरी की निर्देशित रॉकेट और कुशा मिसाइल के सफल परीक्षण का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा ‘इस महीने, डीआरडीओ ने पिनाका लंबी दूरी की निर्देशित रॉकेट का भी सफल परीक्षण किया। इस सफलता के पीछे हमारे वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की सामूहिक मेहनत है। महज दो-तीन दिन पहले, डीआरडीओ ने कुशा मिसाइल का भी सफल परीक्षण किया।‘