Haryana Pension Scheme: हरियाणा सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में बड़ा बदलाव किया है। सरकार ने एनपीएस के टियर-1 यानी मुख्य पेंशन खाते में दो नए निवेश विकल्प जोड़ने का फैसला किया है। इस कदम से कर्मचारियों को अपनी उम्र और जोखिम लेने की क्षमता के अनुसार निवेश चुनने की अधिक स्वतंत्रता मिलेगी। राज्य में लंबे समय से कर्मचारी संगठन पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल करने की मांग कर रहे हैं। इसी बीच केंद्र सरकार यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) लेकर आई थी। इसके बाद हरियाणा सरकार ने कर्मचारियों को यह विकल्प दिया कि वे एनपीएस में बने रहें या यूपीएस को चुनें। अब एनपीएस में नया बदलाव उन कर्मचारियों के लिए अहम माना जा रहा है, जो इस योजना में बने रहना चाहते हैं।
दो नए ऑटो-चॉइस निवेश मॉडल
सरकार ने एनपीएस के टियर-1 खाते में दो नए ऑटो-चॉइस निवेश मॉडल शामिल किए हैं। पहला विकल्प "लाइफ साइकिल 75-हाई" है। इस मॉडल में कर्मचारी के योगदान का 75 प्रतिशत तक हिस्सा इक्विटी यानी शेयर बाजार आधारित निवेश में लगाया जा सकेगा। यह व्यवस्था 35 वर्ष की आयु तक लागू रहेगी। इसके बाद धीरे-धीरे इक्विटी निवेश कम होता जाएगा और 55 वर्ष की आयु तक यह घटकर 15 प्रतिशत रह जाएगा।
क्या है दूसरा विकल्प?
दूसरा विकल्प "लाइफ साइकिल एग्रेसिव" है। इसमें 45 वर्ष की आयु तक निवेश का 50 प्रतिशत हिस्सा इक्विटी में रखा जा सकेगा। इसके बाद यह हिस्सा धीरे-धीरे कम होकर 55 वर्ष की आयु तक 35 प्रतिशत रह जाएगा। यह विकल्प उन कर्मचारियों के लिए बेहतर माना जा रहा है, जो अधिक जोखिम तो नहीं लेना चाहते, लेकिन बेहतर रिटर्न की संभावना बनाए रखना चाहते हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि ये नए निवेश मॉडल अपने आप लागू नहीं होंगे। कर्मचारियों को स्वयं अपनी पसंद का निवेश विकल्प चुनना होगा। साथ ही उन्हें पंजीकृत पेंशन फंड का चयन भी करना पड़ेगा।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
विशेषज्ञों का मानना है कि इन नए विकल्पों से कर्मचारियों को अपने रिटायरमेंट फंड को बेहतर तरीके से प्रबंधित करने का अवसर मिलेगा। हालांकि, कर्मचारी संगठनों की ओर से ओपीएस की मांग अभी भी जारी है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार के इस फैसले का कर्मचारियों की पसंद और पेंशन व्यवस्था की बहस पर क्या असर पड़ता है। फिलहाल, हरियाणा सरकार का यह कदम कर्मचारियों को एनपीएस के भीतर अधिक लचीलापन और निवेश के नए अवसर देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
Also read: Haryana news : हरियाणा के गुरुग्राम, जींद और कुरुक्षेत्र के अस्पतालों में मशीनों से होगी सफाई, PPP मॉडल से होगा काम