Delhi News: दिल्ली और एनसीआर के लोगों को आने वाले दिनों में आवाजाही में दिक्कत होने वाली है। ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोत्तरी के कारण किराया बढ़ोत्तरी समेत अन्य मांगों को लेकर सात से नौ सितंबर तक विभिन्न आटो-टैक्सी चालक संगठनों ने हड़ताल का ऐलान किया है।
जिसमें कांग्रेस पार्टी समर्थित संगठनों के साथ राष्ट्रीय स्वयंसवेक संघ प्रेरित संगठन ने भी हिस्सा लेने का ऐलान किया है। इससे हड़ताल और ज्यादा प्रभावशाली हो सकता है, जबकि दिल्ली-एनसीआर वालों की परेशानी बढ़ने के साथ पूरे क्षेत्र की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था ठप हो सकता है। संगठनों का दावा है कि करीब एक लाख आटो और काली-पीली टैक्सी हड़ताल का समर्थन करेंगे।
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ट्रांसपोर्ट यूनियन ने किया हड़ताल का ऐलान
बता दें कि आल दिल्ली आटो टैक्सी ट्रांसपोर्ट कांग्रेस यूनियन तथा आटो टैक्सी ट्रांसपोर्ट कांग्रेस प्रकोष्ठ ने 7 और 8 सितंबर को हड़ताल का ऐलान किया है।संगठन के अध्यक्ष किशन वर्मा ने जारी बयान में बताया कि सोमवार को इस संबंध में उपराज्यपाल, मुख्यमंत्री, परिवहन मंत्री, परिवहन आयुक्त और दिल्ली पुलिस आयुक्त को चिट्ठी दी जाएगी। दूसरी तरफ भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) समर्थित आटो रिक्शा संघ व दिल्ली प्रदेश टैक्सी यूनियन ने 9 सितंबर हड़ताल का ऐलान किया है।
सरकार के सामने रखी मांगें
ट्रांसपोर्ट यूनियनों ने चालक कल्याण बोर्ड के गठन के की मांग की है। इसके अलावा, अन्य नौ मांगों को शीघ्र ही चालकों के लिए घोषणा करने की मांग ट्रांसपोर्ट यूनियनों ने की है। उनके अनुसार, घोषणा के बाद भी सरकार कल्याण बोर्ड का गठन नहीं किया है, जिससे उनके तथा परिवार की हानि हो रही है। इसी तरह, बाइक टैक्सी में निजी बाइकों के इस्तेमाल पर रोक के साथ ही परमिट, चालान मामले में कानूनी अनुपालना प्रक्रिया में सुधार, आरसी, फिटनेस, लाइसेंस, पारदर्शिता व राहत की भी मांग हड़ताल के द्वारा की जाएगी।