Rift In Karnatka Government: कर्नाटक सरकार में बड़ा उथल-पुथल देखने को मिली है। ऐसा इसलिए क्योंकि डीके शिवकुमार कैबिनेट के कैबिनेट मंत्री बी नागेंद्र ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। बी नागेंद्र कर्नाटक के बेल्लारी ग्रामीण सीट से विधायक है। वह कर्नाटक सरकार में योजना और सांख्यिकी विभाग के मंत्री थे।
इस्तीफा देने के बाद बी नागेंद्र ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि वह मुझे ईडी और सीबीआई से नहीं डरा सकते हैं। मनुवादियों ने मुझे निशाना बनाया क्योंकि, वह चाहते कि कोई आदिवासी व्यक्ति तरक्की करे।
बी नागेंद्र पर क्या है आरोप
दरअसल, वाल्मीकि कॉर्पोरेशन से फंड को बिना मंजूरी के दूसरी जगह प्रयोग करने के आरोपों के चलते बी नागेंद्र ने जून 2024 में सिद्धारमैया के मंत्रिमंडल से इस्तीफा दिया था। हालांकि, उन्हें डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने पर दोबारा कैबिनेट में जगह दी गई थी। बता दें कि बी नागेंद्र को जुलाई 2024 में ईडी ने गिरफ्तार किया था। उनसे पूछताछ करने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया था।
सीएम डीके शिवकुमार ने क्या कहा
हालांकि, कर्नाटक के सीएम डीके शिवकुमार ने साफ किया था कि बी नागेंद्र ने पार्टी के निर्देशों के बाद ही पहले भी अपना इस्तीफा दिया था। उन्होंने हालिया घटनाओं को विपक्ष की साजिश बताया। बेंगलुरु की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस डीके शिवकुमार ने कहा था कि यह सब विपक्षी पार्टियों की चाल है। बी नागेंद्र ने हमारे कहने पर पहले भी इस्तीफा दिया था।
बी नागेंद्र को लेकर हुआ था हंगामा
बता दें कि कर्नाटक सरकार में बी नागेंद्र की वापसी पर विधानसभा में हंगामा हुआ था। विपक्ष ने विरोध जताया था। ऐसा इसलिए क्योंकि बी नागेंद्र पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप है, जिनमें महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम ने लगभग 90 करोड़ रुपए की कथित चोरी का मामला है। इस केस की जानकारी सीबीआई की तरफ दायर की गई चार्जशीट में दी गई है।
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