Five Friends Won Jackpot:कब किसका किस्मत पलट जाए, कह पाना मुश्किल है। किस्मत कभी-कभी उम्मीद से ज्यादा देती या कहें की छप्पड़ फाड़ कर देती है, तो गलत नहीं होगा। ये कहावत सटीक बैठती है 25 साल के सिक्योरिटी गार्ड तैय्यब खान पर। नेपाल में 25 साल का सिक्योरिटी गार्ड तैय्यब खान यूएई की राजधानी अबू धाबी में लॉटरी लग गई।
तैय्यब खान ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर 78 करोड़ की लॉटरी जीती और उन सभी के खाते में अब 15-15 करोड़ रुपए आए। एक रिपोर्ट के अनुसार जैकपॉट का टिकट खरीदने के लिए दोस्तों ने 50 दिरहम यानी 1300 रुपए का योगदान दिया था और उनकी 78 करोड़ रुपए की लॉटरी लगी।
तैय्यब को नहीं हो रहा था यकीन
लॉटरी की रकम को सबने ईमानदारी से बांटा और खान के हिस्से में 15 करोड़ रुपए आए। जैकपॉट के नंबरों का जब 27 मई को ड्रॉ निकला तब सैय्यद खान बकरीद की छुट्टी के दौरान नाइट शिफ्ट में ड्यूटी कर रहे थे। लॉटरी जीतने की ख्वाहिश में उस वक्त लाखों लोग ड्रॉ लाइव देख रहे थे लेकिन, उसके उलट तैय्यब अपनी ड्यूटी कर रहे थे।
उन्हें जैकपॉट लगने की खबर ईमेल से मिली। तैय्यब को पहले भी छोटे-मोटे इनाम लॉटरी में लगते रहे हैं। इसलिए उसने शुरुआत में ज्यादा तब्ज्जों नहीं दिया लेकिन, जब ध्यान से देखा तो उसकी आंखें खुली की खुली रह गई। उसने 30 मिलियन दिरहम कैा जैकपॉट अपने दोस्तों के साथ जीता था। उसे यकीन ही नहीं हो रहा था कि ऐसे रातोंरात उसकी किस्तम पलट जाएगी। फिर उसने जैकपॉट की एजेंसी पर भी फोन पर लॉटरी लगने की बात की।
नेपाल लौटने का इरादा नहीं
तैय्यब बेहद मामूली सैलरी पर नौकरी करता था, लिहाजा उसने दोस्तों के साथ मिलकर यह टिकट खरीदा था। उसे फेसबुक पर लॉटरी का पता चला था। वह 2024 से जैकपॉट में किस्मत आजमा रहा था लेकिन, 2026 में उसे लॉटरी हाथ लगी। तैय्यब का कहना है कि हम कुल पांच दोस्त हैं और सभी पैसे मिलाकर रेगुलर टिकट खरीदते थे। हर हफ्ते एक दोस्त नंबर चुनता था। कई महीनों तक दांव आजमाने के बाद उसकी मेहनत रंग लाई। उन्होंने कहा कि हमने उम्मीद नहीं छोड़ी। तैय्यब ने कहा कि वह अपना कारोबार करेंगे लेकिन, नेपाल वापस लौटने का इरादा नहीं है।