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निजी स्कूलों में LG गाइडलाइंस से नर्सरी दाखिला

निजी स्कूलों में LG गाइडलाइंस से नर्सरी दाखिला

नई दिल्ली: दिल्ली में नर्सरी स्कूल एडमिशन मामले में प्राइवेट स्कूल को करारा झटका लगा है। दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली के लेफ्टीनेंट गवर्नर की गाइडलाइंस जारी रखने का फैसला सुनाया है। नर्सरी स्कूल के एडमिशन को लेकऱ हाइकोर्ट की डबल बेंच ने ये फैसला सुनाया।

कोर्ट ने निजी स्कूलों की याचिका खारिज करते हुए कहा कि एलजी की गाइडलाइंस के तहत ही एडमिशन किए जाएं। कोर्ट ने कहा कि स्कूलों की स्वायत्ता एक बड़ा मुद्दा है। इसे विस्तृत तौर पर डील करने की जरूरत है।

उप-राज्यपाल की बनाई गाइडलाइंस के मुताबिक सभी निजी स्कूलों में मैनेजमेंट कोटा खत्म कर दिया गया है। इसके तहत सभी स्कूलों को दाखिले के लिए एक समान 100 प्वाइंट सिस्टम अपनाना होगा। इसमें सबसे ज्यादा 70 अंक नेबरहुड यानी दूरी के लिए होंगे, जिसका दायरा आठ किलोमीटर का है। इन नई गाइडलाइंस से जहां अभिभावक खुश हैं तो वहीं स्कूल नाराज हैं और उन्होंने इसके खिलाफ हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

क्या है सरकार की गाइडलाइंस?

-सभी स्कूल एक समान 100 प्वाइंट सिस्टम के तहत नर्सरी में दाखिला देंगे।

-सबसे ज्यादा तव्रुजो नेबरहुड यानी दूरी को मिलेगी।

-नेबरहुड के लिए 70 प्वाइंट्स होंगे।

-पहले नेबरहुड का दायरा 6 किलोमीटर था जो अब बढ़ाकर 8 किलोमीटर कर दिया गया है।

-सिबलिंग के 20 प्वाइंट्स मिलेंगे।

- एलुमनी और ट्रांसफर केस के 5-5 प्वाइंट्स होंगे।

-नई गाइडलाइंस के तहत सभी स्कूलों में 20 फीसदी मैनेजमेंट कोटा खत्म कर दिया गया है।

-नर्सरी में दाखिले के लिए 31 मार्च 2014 तक कम से कम 3 साल उम्र होनी चाहिए।

-अधिकतम उम्र सीमा पर फैसला करने की छूट स्कूलों को दी गई है।

पिछले साल तक हर स्कूल अलग-अलग 100 प्वाइंट फॉर्मूला तैयार करता था, लेकिन इस बार सभी स्कूलों को शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी एक समान प्वाइंट सिस्टम को ही अपनाना होगा। नई गाइडलाइंस के तहत नर्सरी क्लास की सीटों को अलग-अलग कैटेगरी में बांटा गया है।

नई गाइडलाइंस के प्रावधान

पहली कैटेगरी के तहत स्कूलों को पहले की तरह 25 फीसदी सीटों पर ईडब्ल्यूएस कोटे के बच्चों को एडमिशन देना होगा। 5 फीसदी सीटें स्टाफ कोटे के लिए तय की गई हैं। इन पर स्कूल कर्मचारियों और शिक्षकों के बच्चों को एडमिशन देना होगा। अगर कोटा फुल नहीं होता तो बची सीटें ओपन सीटों में तब्दील हो जाएंगी। को-एजुकेशन स्कूलों में पांच फीसदी सीटें लड़कियों के लिए आरक्षित करनी होंगी।

इन सीटों पर एडमिशन लॉटरी सिस्टम से होंगे। हालांकि इस कोटे के तहत स्कूल के 8 किलोमीटर के दायरे में रहने वाली लड़कियों का ही लॉटरी के जरिए एडमिशन किया जाएगा। इसके अलावा अल्पसंख्यक स्कूलों में भी 25 फीसदी सीटें ईडब्ल्यूएस कोटे के लिए आरक्षित करने की बात कही गई है।

 

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