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इबोला वायरस से कांगो में हालात बेकाबू, 80 मौतें और 246 संदिग्ध केस; WHO ने घोषित की इमरजेंसी

इबोला वायरस से कांगो में हालात बेकाबू, 80 मौतें और 246 संदिग्ध केस; WHO ने घोषित की इमरजेंसी

WHO Ebola Health Emergency: अफ्रीकी देश डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) में इबोला वायरस ने आतंक मचा दिया है। कांगो के पूर्वी इटुरी प्रांत में इबोला से अब तक 80 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि 246 संदिग्ध मामले सामने आए हैं। इस समस्या को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया है। इसके अलावा युगांडा, सूडान और केन्या जैसे पड़ोसी देशों में भी अलर्ट जारी कर निगरानी बढ़ा दी गई है।

WHO की क्या है तैयारी?

इबोला के बढ़ते मामलों को देखते हुए WHO ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी अलर्ट जारी कर दिया है। इसी के साथ इमरजेंसी फंड से 5 लाख डॉलर जारी किए हैं और विशेषज्ञों की टीम तैनात कर दी है। इसके अलावा अफ्रीका सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (Africa CDC) ने क्षेत्रीय समन्वय बैठक बुलाई है, जिसमें कांगो, युगांडा, दक्षिण सूडान शामिल हैं। साथ ही, लैब टेस्टिंग, संक्रमण नियंत्रण और समुदाय जागरूकता पर फोकस करते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है। 

Also read: हंता वायरस के बाद अब इबोला का कहर, कांगो में 65 लोगों की मौत; दुनिया में संक्रमण का खौफ

कांगो में इबोला का 17वां प्रकोप

बता दें, साल 1976 में इस वायरस की  पहचान की गई थी। जिसके बाद से कांगो में इबोला का यह 17वां प्रकोप है। इसके बाद साल 2018-2020 में इसका सबसे घातक रूप देखा गया, जिसमें 1000 से ज्यादा लोग मारे गए थे। हालांकि, इस बार के इबोला प्रकोप की जांच से पता चला है कि यह बुंडिबुग्यो स्ट्रेन (Bundibugyo ebolavirus) का है। जानकारी के अनुसार, इस स्ट्रेन के लिए अभी कोई मंजूर वैक्सीन उपलब्ध नहीं है।

अफ्रीका रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र के अनुसार, ये वायरस मुख्य रूप से इटुरी प्रांत के बुनिया, युगांडा मोंगवालु और रवामपारा स्वास्थ्य क्षेत्रों में केंद्रित है। इस बार ये वायरस तेजी से फैल रहा है। इसका कारण लोगों की आवाजाही और संघर्ष की स्थिति माना जा रहा है। जांच में अब तक इबोला के बुंडीबुग्यो स्ट्रेन के 8 मामलों की पुष्टि हुई है।

इबोला कितना खतरनाक है?

इबोला एक गंभीर हेमोरेजिक फीवर है, जिसका संबंध फिलोवायरस परिवार से है। यह संक्रमित व्यक्ति के रक्त, उल्टी, मल, पसीने, लार, मृत व्यक्ति के शव को छूने से या अन्य शारीरिक तरल पदार्थों के सीधे संपर्क से फैलता है। अब अगर इसके लक्षणों की बात करें तो इबोला वायरस का शिकार होने पर तेज बुखार, थकान, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, उल्टी, दस्त, पेट दर्द, त्वचा पर रैश जैसे लक्षण दिखते हैं।

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