Uttarakhand News: उत्तराखंड के चमोली में बीती रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। जहां हाइड्रो डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (THDC) की निर्माणाधीन सुंरग में पानी और मलबा घुसने से कई मजदूर फंस गए। इस हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई। वहीं राहत बचाव टीम ने 18 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। उन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया।
अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि चमोली के पिपलकोटी में टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (THDC) की निर्माणाधीन सुरंग में पानी और मलबा घुसने से कई मज़दूर फंस गए थे। वहां से बचाकर गोपेश्वर के ज़िला अस्पताल लाए गए 19 लोगों में से सात को मृत घोषित कर दिया गया।
डॉ. आयुष ने पत्रकारों को बताया, "THDC से कुल 19 लोगों को यहां लाया गया। उनमें से सात को अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया, जबकि 13 लोग ठीक-ठाक हालत में पहुंचे। हमने उनमें से 10 को भर्ती किया है। एक युवक, जिसकी हालत थोड़ी ठीक नहीं थी, उसे श्रीनगर के बेस अस्पताल रेफर कर दिया गया है।
राहत बचाव कार्य जारी
सुरंग के अंदर फंसे बाकी मज़दूरों को बाहर निकालने के लिए NDRF और SDRF की टीमें बचाव अभियान चला रही हैं। अधिकारियों ने शुरू में कहा था कि 18 मज़दूरों को बचाया गया और इलाज के लिए ज़िला अस्पताल भेजा गया। NDRF टीम कमांडर अमृत लाल मीणा ने बताया कि जब बचाव टीम मौके पर पहुंची तो सुरंग में बहुत ज़्यादा पानी भरा हुआ था और किनारों से भी पानी रिस रहा था।
मीणा ने बताया, "हमारी टीम के पहुंचने और ऑपरेशन शुरू करने के बाद, सुरंग के अंदर बहुत ज़्यादा पानी था। तब से पानी का स्तर काफी बढ़ गया है। हमारे जवानों ने खास उपकरणों का इस्तेमाल करके अब तक पानी से चार शव निकाले हैं। बचाव अभियान अभी भी जारी है और तब तक चलता रहेगा जब तक सभी को बाहर नहीं निकाल लिया जाता।"
THDC के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (प्रोजेक्ट्स) कुमार शरद ने बताया कि जब हादसा हुआ तो सुरंग के अंदर करीब 20 से 22 मज़दूर मौजूद थे। उन्होंने कहा कि बचाव अभियान के लिए NDRF और SDRF की टीमें तैनात की गई थीं, और अब तक 18 मज़दूरों को बचाकर इलाज के लिए ज़िला अस्पताल भेजा जा चुका है। उन्होंने बताया कि बचाए गए मज़दूरों में से तीन-चार की हालत गंभीर है।