Uttarakhand News: उत्तराखंड में जड़ी-बूटी आधारित खेती और औषधीय पौधों के उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने पौड़ी गढ़वाल के यमकेश्वर विधानसभा क्षेत्र स्थित माला गांव में आयोजित हर्बल कुंभ, जड़ी-बूटी कृषि मेला एवं श्री धन्वंतरि महोत्सव में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि जड़ी-बूटी की खेती किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ पहाड़ी क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा कर सकती है। पतंजलि ट्रस्ट की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में कृषि मंत्री ने विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया और जड़ी-बूटी आधारित कृषि, आयुर्वेद तथा किसानों की आजीविका से जुड़े प्रयासों की सराहना की।
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि उत्तराखंड आयुर्वेद और औषधीय वनस्पतियों की समृद्ध धरती है। यहां सदियों से ऋषि-मुनियों ने आयुर्वेद और जड़ी-बूटियों के माध्यम से मानव स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का मार्ग दिखाया है। उन्होंने कोविड महामारी के कठिन दौर में भी आयुर्वेद की भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हर्बल कुंभ जैसे आयोजन किसानों को जड़ी-बूटी आधारित खेती की नई संभावनाओं से परिचित कराने में मददगार होंगे। औषधीय पौधों के उत्पादन को बढ़ावा मिलने से किसानों की आमदनी में वृद्धि होगी। साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी विकसित होंगे।
पहाड़ों से पलायन रोकने में मिलेगी मदद
गणेश जोशी ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में जड़ी-बूटी उत्पादन को बढ़ावा देना आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। इससे स्थानीय किसानों को अपनी उपज के माध्यम से अतिरिक्त आय अर्जित करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि खेती से जुड़े नए अवसर पैदा होने पर युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार मिल सकेगा। इससे पहाड़ों से पलायन रोकने और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में भी मदद मिलेगी।
2030 तक हिमाचल और कश्मीर के बराबर लाने का लक्ष्य
कृषि मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार कृषि एवं उद्यानिकी के क्षेत्र में किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 तक उत्तराखंड को कृषि एवं उद्यानिकी के क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश और कश्मीर के बराबर लाना है। इस दिशा में आधुनिक तकनीक, नवाचार और पारंपरिक कृषि पद्धतियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।