Uttarakhand News: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को लेकर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के कथित बयानों पर सियासी विवाद बढ़ गया है। उत्तराखंड सरकार में दर्जा राज्य मंत्री भूपेश उपाध्याय ने शनिवार को बागेश्वर कोतवाली पहुंचकर पवन खेड़ा के खिलाफ शिकायत दी और मामले में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करने की मांग की। भूपेश उपाध्याय का आरोप है कि पवन खेड़ा ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के खिलाफ राजनीतिक द्वेष के चलते झूठे और बेबुनियाद आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि खेड़ा ने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से वीडियो और बयान जारी कर मुख्यमंत्री की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया।
पवन खेड़ा के पुराने बयानों का भी जिक्र
शिकायत के साथ कथित तौर पर संबंधित वीडियो, सोशल मीडिया पोस्ट के स्क्रीनशॉट और 1320 मेगावाट बिजली परियोजना की निविदा से जुड़े दस्तावेज भी पुलिस को दिए गए हैं। भूपेश उपाध्याय ने पवन खेड़ा के पुराने बयानों का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि असम विधानसभा चुनाव के दौरान खेड़ा ने तत्कालीन मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और उनकी पत्नी को लेकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आरोप लगाए थे। यह दावा भूपेश उपाध्याय की ओर से किया गया है; इसके संबंध में अलग-अलग राजनीतिक दावे सामने आते रहे हैं।
सरकार पर उठाए गए सवाल
दरअसल, मौजूदा विवाद 1320 मेगावाट कोयला आधारित बिजली की खरीद से जुड़ा बताया जा रहा है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने इस प्रक्रिया को लेकर उत्तराखंड सरकार पर सवाल उठाए हैं। वहीं, भूपेश उपाध्याय ने इन आरोपों को गलत और भ्रामक बताया है। राज्य सरकार की ओर से भी बिजली खरीद प्रक्रिया को नियमों और नियामकीय मंजूरी के तहत होने की बात कही गई है। भूपेश उपाध्याय ने कांग्रेस पर मुख्यमंत्री धामी और राज्य सरकार को बदनाम करने के लिए राजनीतिक आरोप लगाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यक्रम के बाद भाजपा की ओर से मंच के कथित शुद्धीकरण के मामले का भी उल्लेख किया। फिलहाल बागेश्वर कोतवाली में दी गई शिकायत पर पुलिस की आगे की कार्रवाई और लगाए गए आरोपों की जांच का इंतजार है।
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