Uttarakhand News: उत्तराखंड के अल्मोड़ा के हवालबाग में आयोजित खेती बचाओ अभियान में सीएम धामी ने शिरकत की। उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि प्राकृतिक और परंपरागत खेती को बढ़ावा देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अन्नदाता समाज का असली नायक है और खेती बचाओ अभियान अब जन आंदोलन का रूप ले चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी की उर्वरा शक्ति लगातार घट रही है। दुखी मन से कहना पड़ रहा है कि रसायनों के प्रयोग से धरती मां अंदर से रो रही है। पहले मिट्टी अधिक उपजाऊ और प्राकृतिक होती थी, लेकिन अब उसकी गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। उन्होंने किसानों से मिट्टी के स्वास्थ्य का ध्यान रखने और परंपरागत कृषि पद्धतियों को अपनाने की अपील की।
सीएम धामी ने जलवायु परिवर्तन को गंभीर चुनौती बताते हुए कहा कि पूरा विश्व जलवायु संकट से जूझ रहा है। मौसम का चक्र बदल रहा है, समय पर बारिश नहीं हो रही और ओलावृष्टि जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रकृति के अनुरूप खेती और जल स्रोतों का संरक्षण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोसी नदी का जलस्तर लगातार घट रहा है और गाड़-गधेरे तथा नौलों को बचाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने किसानों को मिट्टी का स्वास्थ्य परीक्षण कराने, मधुमक्खी पालन और पशुपालन को अपनाने की भी सलाह दी।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों को सुरक्षा कवच प्रदान कर रही है- सीएम
सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों को सुरक्षा कवच प्रदान कर रही है। कृषि और सिंचाई सुविधाओं को मजबूत करने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। पॉलीहाउस, रेनफेड योजना, फल उत्पादन और सगंध खेती को बढ़ावा देने के लिए करोड़ों रुपये की योजनाएं संचालित की जा रही हैं।