चंद्रशेखर आजाद की नजरबंदी से प्रयागराज में बवाल, समर्थकों ने की तोड़फोड़; पुलिस हिरासत में 15 से ज्यादा उपद्रवी

चंद्रशेखर आजाद की नजरबंदी से प्रयागराज में बवाल, समर्थकों ने की तोड़फोड़; पुलिस हिरासत में 15 से ज्यादा उपद्रवी

Bhim Army Chief:: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में रविवार 29जून को आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना से लोकसभा सांसद चंद्रशेखर आजाद को पुलिस द्वारा नजरबंद किया गया। जिसके बाद उनके समर्थकों ने करछना थाना क्षेत्र में जमकर बवाल मचाया। इस हिंसक प्रदर्शन में भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पुलिस और निजी वाहनों में तोड़फोड़ की। इसके अलावा कई गाड़ियों में आग लगा दी और ईंट-पत्थर फेंके। जिसके कारण कई लोग घायल हो गए। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग किया और 15से अधिक उपद्रवियों को हिरासत में लिया।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, चंद्रशेखर आजाद रविवार को प्रयागराज के करछना तहसील के इसौटा गांव में एक दलित परिवार से मिलने जा रहे थे। जहां 13अप्रैल 2025को परिवार के एक सदस्य देवी शंकर (35) की जलकर मृत्यु हो गई थी। इस मामले में परिजनों का आरोप है कि उनकी हत्या कर शव को जलाया गया था। इस मामले में चंद्रशेखर पीड़ित परिवार से मिलकर समर्थन जताने और न्याय की मांग करने के लिए प्रयागराज पहुंचे थे।

लेकिन प्रशासन ने कानून-व्यवस्था और धारा 144लागू होने का हवाला देते हुए चंद्रशेखर को सर्किट हाउस से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी और उन्हें नजरबंद कर लिया। प्रशासन की इस कार्रवाई से नाराज उनके समर्थकों ने करछना के भडेवरा बाजार और हनुमानपुर मोरी इलाके में प्रदर्शन शुरू कर दिया।

हिंसक प्रदर्शन और घायल हुए लोग

नगीना से लोकसभा सांसद चंद्रशेखर आजाद के समर्थकोंने करछना-कोहड़ार मार्ग पर चक्का जाम कर दिया और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पुलिस की चार गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया। इसके अलावा उनके समर्थकों ने एक निजी बस, स्कॉर्पियो, और लगभग 10अन्य निजी वाहनों में तोड़फोड़ की और कुछ को तो आग के हवाले ही कर दिया। भडेवरा बाजार में दुकानों पर भी पथराव किए गए। पथराव और भगदड़ के कारण कम से कम 15लोग घायल हुए। जिनमें महिलाएं, बच्चे और पुलिसकर्मी शामिल हैं।

पुलिस की कार्रवाई

पुलिस ने स्थिति को काबू करने के लिए लाठीचार्ज और अतिरिक्त बल तैनात किया, जिसमें पीएसी के जवान भी शामिल थे। इसके बाद 17प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है और पुलिस ने उपद्रवियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) और गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी है। वहीं, यमुनानगर के डीसीपी विवेक चंद्र यादव ने बताया कि भीड़ ने राहगीरों और दुकानदारों पर भी हमला किया, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। लेकिन स्थिति अब नियंत्रण में है। आरोपियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

चंद्रशेखर ने नजरबंदी के विरोध में दिया धरना

दूसरी तरफ, चंद्रशेखर आजाद ने नजरबंदी के विरोध में सर्किट हाउस परिसर में अपने समर्थकों के साथ धरना दिया। उन्होंने एक वीडियो द्वारा एक बयान जारी किया। उन्होंने कहा 'मुझे पीड़ित परिवारों से मिलने से रोका गया है। जब तक प्रशासन मुझे परिवारों से मिलने की अनुमति नहीं देता और गिरफ्तार कार्यकर्ताओं को रिहा नहीं करता, मैं प्रयागराज नहीं छोड़ूंगा।'

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