UP News: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में आयोजित ‘संस्कृति संसद 2026’ में बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती को सम्मानित किया गया। धार्मिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक क्षेत्र में उनके विशिष्ट योगदान के लिए उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया। गंगा महासभा की ओर से आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में देशभर से आए संतों, धर्माचार्यों और विद्वानों ने हिस्सा लिया। यह आयोजन वाराणसी स्थित रुद्राक्ष अंतरराष्ट्रीय सहयोग एवं सम्मेलन केंद्र में हुआ। इस दौरान संत-महापुरुषों की गरिमामयी उपस्थिति में ऋषि प्रसाद सती को अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।
गंगा महासभा द्वारा आयोजित संस्कृति संसद 2026 का आयोजन अखिल भारतीय संत समिति, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद और श्री काशी विद्वत परिषद के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम में सनातन संस्कृति के संरक्षण, राष्ट्र निर्माण और युवा चिंतन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे संतों, धर्माचार्यों और विद्वानों ने इन विषयों पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम का उद्देश्य सनातन संस्कृति के मूल्यों, परंपराओं और सामाजिक भूमिका पर सार्थक संवाद को आगे बढ़ाना रहा।
ऋषि प्रसाद सती ने जताया आभार
सम्मान प्राप्त करने के बाद ऋषि प्रसाद सती ने इसे अपने जीवन का सौभाग्य और गौरवपूर्ण क्षण बताया। उन्होंने इस सम्मान के लिए गंगा महासभा और उपस्थित सभी पूज्य संतों का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उन्हें सनातन संस्कृति और बाबा बद्री विशाल की सेवा में और अधिक समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा देता रहेगा। इसके साथ ही उन्होंने उन सभी शुभचिंतकों का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने इस उपलब्धि पर उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दीं।संस्कृति संसद 2026 में मिला यह सम्मान धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्र में ऋषि प्रसाद सती के योगदान को सम्मानित करने का अवसर बना।