UP NEWS: बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती ने देश में बढ़ती राजनीतिक बयानबाजी और नेताओं के बीच व्यक्तिगत हमलों पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों और उनके नेताओं के बीच आपत्तिजनक टिप्पणियां करने की बढ़ती होड़ देश के राजनीतिक माहौल को और कड़वा व जहरीला बना सकती है। मायावती ने सभी दलों के नेताओं से संयम बरतने और सार्वजनिक जीवन में गरिमा बनाए रखने की अपील की।
मायावती ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि भारतीय राजनीति में आपसी अविश्वास, दुश्मनी और आरोप-प्रत्यारोप का स्तर काफी गिर गया है। उन्होंने चिंता जताई कि राजनीतिक बहस अब व्यक्तिगत हमलों, अपमानजनक टिप्पणियों, जातिवादी सोच और हिंसक बयानबाजी तक पहुंच रही है। BSP प्रमुख ने इस स्थिति को बेहद अफसोसनाक बताते हुए कहा कि इससे सार्वजनिक चर्चा की गरिमा और सार्थकता प्रभावित हो रही है। उन्होंने शीर्ष पदों पर बैठे लोगों से भी अपील की कि वे एक-दूसरे के खिलाफ गलत और जहरीली राजनीतिक बयानबाजी को बढ़ावा देने से बचें।
खड़गे के बयान पर विवाद के बीच आई टिप्पणी
मायावती की यह प्रतिक्रिया कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दिए गए बयान को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच आई है। बिहार के पहले मुख्यमंत्री डॉ. कृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के मौके पर पटना में आयोजित कार्यक्रम के दौरान खड़गे की एक टिप्पणी पर विवाद खड़ा हो गया था।
कार्यक्रम में एक व्यक्ति ने खड़गे से कहा कि मोदी कहीं नहीं जाएंगे। इस पर खड़गे ने मंच से जवाब देते हुए कहा, "मोदी का बाप भी जाएगा।" इस टिप्पणी की सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने आलोचना की। हालांकि, मायावती ने अपनी पोस्ट में किसी नेता या राजनीतिक दल का नाम नहीं लिया।
भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और महंगाई पर ध्यान देने की अपील
मायावती ने सरकारी स्तर पर भ्रष्टाचार और चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों से पहले ही जनता में बेचैनी है और नेताओं के बीच टकराव वाली बयानबाजी हालात को और खराब कर सकती है। BSP प्रमुख ने कहा कि राजनीतिक दलों को व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप में उलझने के बजाय गरीबी, बेरोजगारी और महंगाई जैसे प्रमुख मुद्दों के समाधान पर ध्यान देना चाहिए।
चुनावी प्रक्रिया को लेकर भी जारी है विवाद
मायावती की टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब विपक्षी दल मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर सवाल उठा रहे हैं। विपक्ष की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग भी की गई है। मायावती ने राजनीतिक दलों के बीच आपत्तिजनक टिप्पणियों की होड़ को रोकने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि ऐसी बयानबाजी से देश का राजनीतिक माहौल और खराब हो सकता है। उन्होंने सभी दलों से इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।