Delhi News:आईबी ऑफिसर अंकित शर्मा हत्याकांड मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट पूर्व आम आदमी पार्टी के पार्षद ताहिर हुसैन की सजा पर 31 जुलाई को फैसला सुनाएगी। वहीं, दिल्ली पुलिस ने ताहिर हुसैन को फांसी दिए जाने की मांग की है। इससे पहले कोर्ट ने आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को अंकित शर्मा हत्या केस में दोषी करार दिया था।
बता दें कि फरवरी 2020 में दिल्ली दंगों के दौरान आईबी ऑफिसर अंकित शर्मा की हत्या कर दी गई थी। उनका शव एक नाले में मिला था। इस मामले में ताहिर हुसैन और 11 लोगों को आरोपी बनाया गया था। कोर्ट ने 5 को दोषी बताया। जिसमें ताहिर हुसैन भी शामिल है। ताहिर के अलावा नजीम, काशिम, अनस और जावेद को भी कोर्ट ने दोषी ठहराया है।
अंकित शर्मा की हुई थी हत्या
दिल्ली पुलिस ने फांसी की मांग करते हुए कहा कि आईबी ऑफिसर अंकित शर्मा पर लगातार हमला करते समय दोषी ''जानवरों जैसी हरकत पर उतर आए थे''। पांचों दोषियों की सजा को लेकर दलीलें एडिशनल सेशन जज प्रवीण सिंह के सामने रखी गई। विशेष लोक अभियोजक मधुकर पांडे ने कोर्ट में कहा कि दोषियों ने शर्मा का अपहरण किया, बेरहमी से मारपीट की और उनको मौत के घाट उतार दिया। उन्होंने कहा कि उनकी मौत के बाद भी उनको निशाना बनाते रहे।
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6 आरोपी को किया गया बरी
दूसरी तरफ ताहिर हुसैन की ओर से पेश हुए वकील राजीव मोहन और तारा नरूला ने पुलिस के तर्क का जोरदार विरोध किया और कहा कि उनके मुवक्किल की कोई खास भूमिका नहीं बताई गई है। उन्होंने कहा कि इस बात पर भी विचार करना चाहिए कि 11 आरोपियों में से छह को बरी किया गया। वकील मोहन ने कहा कि हर दोषी व्यक्ति को मौत की सज़ा नहीं देनी चाहिए। पहले अपराध की गंभीरता बढ़ाने वाली परिस्थितियों पर गौर किया जाना चाहिए और उसके बाद सज़ा कम करने वाली परिस्थितियों पर। दोषी ठहराए जाने के मामले में, 11 आरोपियों में से छह को बरी किया गया है।