US-Iran Tension: अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की शांति वार्ता रद्द हो गई है। 19 अप्रैल को डोनाल्ड ट्रंप ने इस्लामाबाद में दूसरे दौर की शांति वार्ता होने का ऐलान किया था लेकिन, अब ईरान ने अपने प्रतिनिधि को इस्लामाबाद भेजने से मना कर दिया है।
शांति वार्ता रद्द होने के बाद ओमान की खाड़ी में तनाव बढ़ गया है। ईरान ने अमेरिकी जहाजों पर ड्रोन से हमले किए हैं। इससे पहले अमेरिका ने ईरान के जहाज को अपने कब्जे में ले लिया था। जिसके बाद से तनाव बढ़ा गया।
ईरान ने दी थी धमकी
ईरान ने पहले ही बताया था कि अमेरिकी सेना ने उसके जहाज को कब्जे में लिया है और चेतावनी दी थी कि वो जवाबी कार्रवाई करेंगा। ईरान ने इसे सीजफायर का उल्लंघन बताया था। जहाज ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, ईरान जहाज TOUSKA 12 अप्रैल को मलेशिया के बंदरगाह क्लांग से रवाना हुआ था। ईरान के सैन्य प्रवक्ता इब्राहिम जुल्फाघरी ने कहा कि अमेरिकी सेना ने जहाज पर चढ़ने से पहले उस पर गोलीबारी की।
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डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा
इस घटना की जानकारी 19 अप्रैल को अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी की थी। बाद में अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इसकी पुष्टी करते हुए कहा कि USS स्प्रूएंस ने ईरानी झंडा लगे जहाज को रोका, जिसने ओमान की खाड़ी में अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी तोड़ने की कोशिश की थी। अमेरिकी सेना ने कहा था कि ईरानी जहाज अमेरिका के हिरासत में है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी जारी किया गया है, जिसमें एक अमेरिकी युद्धपोत को गोली चलाने से पहले जहाज को चेतावनी देते हुए देखा गया।