एक क्लिक करने से आपका डेटा लीक! वेबसाइट पर ‘Accept All Cookies’ से पहले जान लें ये जरूरी बातें

एक क्लिक करने से आपका डेटा लीक! वेबसाइट पर ‘Accept All Cookies’ से पहले जान लें ये जरूरी बातें

Website Cookies Privacy: इंटरनेट पर ब्राउजिंग करते समय लगभग हर वेबसाइट पर एक पॉप-अप आता है, जिसमें कुकीज एक्सेप्ट करने का विकल्प होता है। ज्यादातर लोग बिना सोचे-समझे 'एक्सेप्ट ऑल' पर क्लिक कर देते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह छोटा सा क्लिक आपकी निजी जानकारी को गंभीर खतरे में डाल सकता है? दरअसल, कुकीज छोटी डेटा फाइलें होती हैं जो आपकी ऑनलाइन गतिविधियों को ट्रैक करती हैं और इनके जरिए कंपनियां आपकी ब्राउजिंग सर्चिंग का डेटा इकट्ठा कर सकती हैं। अनावश्यक कुकीज एक्सेप्ट करने से प्राइवेसी उल्लंघन, टारगेटेड विज्ञापनों और यहां तक कि साइबर हमलों का जोखिम बढ़ जाता है।

कुकीज क्या हैं?

बता दें, कुकीज वेबसाइटों द्वारा आपके ब्राउजर में स्टोर की जाने वाली छोटी टेक्स्ट फाइलें होती हैं। ये दो प्रकार की होती हैं: फर्स्ट-पार्टी कुकीज, जो वेबसाइट के मालिक द्वारा इस्तेमाल की जाती हैं (जैसे लॉगिन डिटेल्स याद रखना)। जबकि थर्ड-पार्टी कुकीज, जो विज्ञापन कंपनियां या अन्य थर्ड-पार्टी द्वारा ट्रैकिंग के लिए इस्तेमाल होती हैं।

कुकीज कैसे काम करती हैं?

थर्ड-पार्टी कुकीज आपकी ब्राउजिंग हिस्ट्री को विभिन्न साइट्स पर ट्रैक करती हैं, जिससे कंपनियां आपका यूजर आईडी लिंक कर डेटा इकट्ठा करती हैं। यह डेटा अक्सर विज्ञापनदाताओं को बेचा जाता है, जिससे आपको व्यक्तिगत विज्ञापन दिखाए जाते हैं। लेकिन समस्या तब होती है जब यह ट्रैकिंग बिना आपकी सही सहमति के होती है, जो प्राइवेसी का उल्लंघन है।

प्राइवेसी पर क्या खतरा है?

कुकीज एक्सेप्ट करने से आपकी ब्राउजिंग आदतें, लोकेशन, सर्च हिस्ट्री और यहां तक कि संवेदनशील जानकारी जैसे लॉगिन क्रेडेंशियल्स लीक हो सकती हैं। हैकर्स इन कुकीज को एक्सप्लॉइट कर सकते हैं, जैसे क्रॉस-साइट स्क्रिप्टिंग या रिक्वेस्ट फॉर्जरी अटैक्स के जरिए। इससे आईडेंटिटी थेफ्ट, फाइनेंशियल फ्रॉड या मालवेयर इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।

जैसे - अगर आप किसी असुरक्षित वेबसाइट पर कुकीज एक्सेप्ट करते हैं, तो साइबर अपराधी आपका डेटा चुराकर इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा कुकी सिंकिंग के जरिए आपकी पूरी ऑनलाइन प्रोफाइल बनाई जा सकती है, जो डेटा ब्रोकरेज मार्केट में बेची जाती है। हाल के अध्ययनों से पता चला है कि 95%वेबसाइटें कुकीज इस्तेमाल करती हैं, लेकिन ज्यादातर यूजर्स को उनके जोखिमों की जानकारी नहीं होती।

क्यों क्लिक करते हैं यूजर्स 'एक्सेप्ट'?

दरअसल, कुकी कंसेंट बैनर्स अक्सर 'डार्क पैटर्न्स' का इस्तेमाल करते हैं, जैसे 'एक्सेप्ट ऑल' बटन को बड़ा और आकर्षक बनाना, जबकि 'रिजेक्ट' विकल्प छोटा या छिपा होता है। इससे यूजर्स जल्दबाजी में एक्सेप्ट कर देते हैं। मनोवैज्ञानिक रूप से, लोग सुविधा के लिए प्राइवेसी को नजरअंदाज कर देते हैं।

खुद को कैसे सुरक्षित रखें?

1. केवल जरूरी कुकीज चुनें:फंक्शनल कुकीज को एक्सेप्ट करें, लेकिन ट्रैकिंग वाली थर्ड-पार्टी कुकीज को ब्लॉक करें।

2. ब्राउजर सेटिंग्स मैनेज करें:क्रोम, फायरफॉक्स जैसे ब्राउजर्स में प्राइवेसी सेटिंग्स से थर्ड-पार्टी कुकीज ब्लॉक करें।

3. कुकीज नियमित रूप से क्लियर करें:ब्राउजर की प्राइवेसी सेटिंग्स से कुकीज डिलीट करें।

4. प्राइवेसी टूल्स इस्तेमाल करें:वीपीएन, एड-ब्लॉकर्स या एक्सटेंशन्स जैसे uBlock Origin का उपयोग करें।

5. साइट्स पर सतर्क रहें:असुरक्षित या अनजान वेबसाइटों पर कुकीज एक्सेप्ट न करें, क्योंकि इससे मालवेयर का खतरा होता है। 

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