Search KhabarFast

Press ESC to close

DELHI NEWS: शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने भलस्वा स्थित EWS फ्लैट्स का किया निरीक्षण, आम पार्टी पर साधा निशाना

DELHI NEWS: शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने भलस्वा स्थित EWS फ्लैट्स का किया निरीक्षण, आम पार्टी पर साधा निशाना

DELHI NEWS: दिल्ली के शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने आज भलस्वा स्थित EWS  फ्लैट्स का निरीक्षण किया। निरीक्षण के उपरांत उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार झुग्गी-झोपड़ी एवं स्लम बस्तियों में रहने वाले निवासियों को सम्मानपूर्वक और सुविधाजनक जीवन उपलब्ध कराने के लिए पूरी गंभीरता से कार्य कर रही है।

मंत्री ने बताया कि यहां पर 7400EWS फ्लैट्स बनाये गए है जिनका समय पर आबंटन न होने के कारण अब यह जर्जर हालत में है और इसके पुननिर्माण और मरम्मत आदि के कार्य करवाने के लिए आज यह विजिट रखी गयी है।  उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता निरंतर इस विषय को लेकर संवेदनशील और चिंतित रही हैं कि झुग्गी बस्तियों में रहने वाले परिवारों एवं उनके बच्चों को बेहतर और सम्मानजनक जीवन कैसे उपलब्ध कराया जाए।

शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने कहा किइन फ्लैट्स का निर्माण करदाताओं के पैसे से हुआ है, इसलिए सरकार इनका समुचित विकास कर पात्र एवं योग्य लाभार्थियों को पारदर्शी तरीके से आवंटित करने पर विचार कर रही है। फिलहाल यह पूरी प्रक्रिया प्रारंभिक चरण में है और पुराने फ्लैट्स की तकनीकी जांच की जा रही है। शहरी विकास मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार की प्रतिबद्धता है कि किसी भी झुग्गी निवासी को विस्थापित नहीं किया जाएगा। उन्हें इन-सीटू डेवलपमेंट, री-डेवलपमेंट अथवा रिहैबिलिटेशन प्लान के तहत सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में इस दिशा में तेजी से कार्रवाई की जा रही है। शहरी विकास मंत्री ने दोहराया कि सरकार का उद्देश्य केवल आवास उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी को बेहतर, सुरक्षित और गरिमापूर्ण जीवन का अवसर प्रदान करना भी है।

आम पार्टी पर सूद ने साधा निशाना

सूद ने पिछली सरकार पर आक्षेप लगाते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी के शासनकाल में बने यह फ्लैट इतनी जर्जर  अवस्था में हो गए हैं कि अब यह रहने लायक नहीं बचे हैं। आम आदमी  पार्टी की सरकार ने झुग्गियों में रहने वालों के पुनर्वास की न तो  कोई योजना बनाई और ना ही समय पर इनका आवंटन किया। जिस कारण से यह फ्लैट इस हालत में पहुंच गए हैं की इनके पुनर्निर्माण में बहुत पैसा लगेगा।

Leave Your Comments



संबंधित समाचार

Delhi EV Policy 2026: 1 लाख की सब्सिडी से बदलेगा इलेक्ट्रिक वाहनों का बाजार, जानें कौन उठा सकेगा लाभ

Delhi EV Policy 2026: दिल्ली सरकार ने EV पॉलिसी 2.0 लॉन्च कर दी है। इस नई नीति का मकसद पुरानी पेट्रोल-डीजल गाड़ियों को हटाकर इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना है। इसके लिए कुल 200 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।

दिल्ली में ट्रांसपोर्ट का नया दौर...2028 से पेट्रोल टू-व्हीलर्स को नहीं मिलेगी मंजूरी, EV ड्राफ्ट हुआ जारी

Delhi EV policy 2028: दिल्ली सरकार ने आज ‘दिल्ली इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी 2026-2030’ का ड्राफ्ट जारी कर दिया है। इस ड्राफ्ट का सबसे बड़ा और सख्त प्रावधान यह है कि 1 अप्रैल 2028 से राजधानी में पेट्रोल या डीजल से चलने वाले किसी भी नए स्कूटर या बाइक का रजिस्ट्रेशन नहीं होगा।

तेल कंपनियों पर आफत...डीजल एक्सपोर्ट ड्यूटी 55.5 रुपये तक बढ़ी, मिडिल ईस्ट संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला

Diesel Export Tax Hike: मिडिल ईस्ट संकट और अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में उछाल के बीच केंद्र सरकार ने डीजल निर्यात पर लगने वाली एक्सपोर्ट ड्यूटी को बढ़ाकर 55.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया है। पहले यह ड्यूटी 21.5 रुपये प्रति लीटर थी।

लाइव अपडेट

बड़ी खबरें

Khabar Fast