Search KhabarFast

Press ESC to close

Success Story: दो बच्चों की जिम्मेदारी, समाज के ताने और फिर KVS में नौकरी, यहां पढ़ें ममता के संघर्ष की कहानी

Success Story: दो बच्चों की जिम्मेदारी, समाज के ताने और फिर KVS में नौकरी, यहां पढ़ें ममता के संघर्ष की कहानी

Success Story : “सब कहते थे-इतने लोग सालों से तैयारी कर रहे हैं, उनकी नौकरी नहीं लगती, तेरी क्या लगेगी। लेकिन मुझे हमेशा एक बात याद रही-तारीफें सिर्फ दिन बनाती हैं, जबकि ताने पूरी जिंदगी बना देते हैं।” आज ममता नागर केंद्रीय विद्यालय में बच्चों को पढ़ाते हुए अपनी जिंदगी के संघर्षों को कुछ पल के लिए भूल जाती हैं। यहां तक पहुंचने का उनका सफर आसान नहीं था। दो छोटे बच्चों की जिम्मेदारी, ससुराल छोड़कर मायके में रहना और पति से दूर रहने जैसी कई मुश्किलों का उन्होंने सामना किया। ममता की सफलता की कहानी मजबूत इरादों, आत्मविश्वास और कठिन परिस्थितियों में भी हार न मानने की प्रेरणादायक मिसाल है।

जहां आज भी लड़की की शादी पहले प्राथमिकता

आपको बता दें कि ममता नागर, हरियाणा के साधारण परिवार से आती हैं। उनकी परवरिश ऐसे समाज में हुई है जहां लड़कियों को पढ़ाया जाने तो लगा है लेकिन आज भी परिवार की पहली प्राथमिकता लड़की की जल्द से जल्द शादी ही होती है। पिता को बेटी की शादी की चिंता थी, लेकिन फिर भी उन्होंने कभी भी पढ़ाई में कोई कमी नहीं की। अच्छे स्कूल-कॉलेज में पढ़ाया। कंप्यूटर सिखाने के लिए अलग से कोचिंग कराई। उस समय कंप्यूटर सीखना बड़ी बात होती थी।

Also read: Success Story: गरिमा ने हिंदी मीडियम से की पढ़ाई...फिर IAS बनने का जुनून; 2 बार क्रैक की UPSC

शादी के बाद फिर उठाई किताबें

कॉलेज से निकलने के बाद साल 2013 में ममता की शादी हो गई। परिवार की जिम्मेदारियां निभाते हुए पता ही नहीं चला कि कब किताबें हाथ से छूट गईं। ममता ने बताया कि भले ही उन्हें परिवार का सपोर्ट नहीं मिला था, लेकिन पति ने हमेशा साथ दिया। उन्होंने फिर से पढ़ने के लिए कहा, हमेशा मोटिवेट किया। पति का सपोर्ट ही था, जिसकी वजह से उन्हें फिर से किताबें उठाने का हौसला मिला।​

कई बार असफलता के बाद भी नहीं मानी हार

एक तरफ परिवार और बच्चे व दूसरी तरफ कुछ बनने का सपना। दोनों जिम्मेदारियों को निभाते हुए ममता ने सरकारी नौकरी की तैयारी शुरू की। हरियाणा ग्राम सचिव, CET और राजस्थान शिक्षक पात्रता परीक्षा (REET) में असफलता मिली। फिर भी उनके कदम डगमगाए नहीं। क्योंकि उन्हें पूरा यकीन था कि सफलता उनसे सिर्फ एक कदम दूर है।

ससुराल छोड़कर मायके रही

ममता बताती हैं कि जब भी कोई परिणाम आता और वो कुछ अंकों की कमी से चूक जाती तो उन्हें ताने सुनने पड़ते थे। उन्होंने बताया, 'जब भी पेपर में फेलियर मिला तो तने मिले। सबने बोला कि अब पढ़ाई छोड़ दो, बच्चों और घर पर ध्यान दो। पढ़ते-पढ़ते बूढ़ी हो गई हो, अब क्या नौकरी मिलेगी तुझे, अब अपना घर संभालो।

फिर मैंने एक दिन घर छोड़ दिया या मायके चली गई ताकि वहां रहकर पढाई कर स्कूं। मां ने सहयोग किया। बच्चों की जिम्मेदारी ली। बच्चों को छोड़कर जाने का मन नहीं होता था। फिर भी दिल पर पत्थर रखकर मैंने लाइब्रेरी जाकर सेल्फ स्टडी की।'

Also read: भारत में नई तकनीक पर फोकस करेगी यामाहा, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों पर बढ़ा जोर

पति ने दिया पूरा साथ

ममता नागर के पति राजस्थान पुलिस में कार्यरत हैं। पति के बारे में बताते हुए ममता कहती हैं कि वो भी पुलिस में नौकरी करते हैं और एक जिम्मेदारी भरी ड्यूटी करते हुए भी उन्होंने पूरा सपोर्ट किया। जब मुझे घर छोड़ा 1 साल हो गया तो सबने बोला अब बुढ़ापे में नौकरी नहीं मिलेगी या अपने घर आ जाओ लेकिन पति ने बोला कि जब तक सफल न हो जाए घर की चिंता मत करना।

एग्जाम देने के लिए चाहे कितनी भी दूर जाना पड़े, पति वहीं ले जाते थे। कभी असफलता पर गुस्सा नहीं किया। हमेशा आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। इस बीच उन्होंने राजस्थान शिक्षक पात्रता परीक्षा में सफलता हासिल की। अब वे अपनी कामयाबी से एक कदम दूर थीं।

2013 में KVS में बतौर PRT टीचर हुआ चयन

कई तरह की परेशानियों से लड़ते हुए ममता की जिंदगी में फिर वो दिन आया, जब उन्होंने अपनी सफलता से लोगों के तानों का जवाब दिया। साल 2013 में उनका चयन केंद्रीय विद्यालय में बतौर PRT टीचर के तौर पर हो गया। ममता नागर बीते 13 सालों से PM श्री केंद्रीय विद्यालय नंबर-2 जयपुर में पढ़ा रही हैं। 
 

Leave Your Comments



संबंधित समाचार

Success Story: कड़े संघर्ष के बाद यशवी डॉक्टर से बनीं IAS, यहां पढ़ें इनकी सक्सेस स्टोरी

आज हम आपको एक लड़की की ऐसी कहानी बताने जा रहे हैं, जो UPSC एस्पिरेंट्स के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। आपको बता दें कि इनका नाम है यशवी जैन, जो दिल्ली की रहने वाली हैं। आइए जानते हैं IAS यशवी जैन की सक्सेस स्टोरी के बारे में।

Success Story: तस्कीन खान के कड़े संघर्ष ने बदली किस्मत, आज रेलवे में बड़ी अफसर

आज हम आपको एक ऐसी IAS अफसर के बारे में बताने जा रहे है जिन्होंने पूरी लगन और मेहनत से अपने सपने को पूरा किया। हम बात कर रहे हैं तस्कीन खान की।

लाइव अपडेट

बड़ी खबरें

ad top
Khabar Fast