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Success Story: एक हादसे से बदली तरुणी की जिंदगी, मात्र 120 दिन की तैयारी में बनीं IAS

Success Story: एक हादसे से बदली तरुणी की जिंदगी, मात्र 120 दिन की तैयारी में बनीं IAS

Success Story: UPSC देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। हर साल लाखों युवा इसकी तैयारी करते हैं लेकिन कुछ चुनिंदा युवा ही इसमें सफल हो पाते हैं। कुछ युवा कई प्रयासों के बाद भी परीक्षा पास करने में असफल हो जाते हैं, लेकिन कुछ होनहार युवा पहले ही प्रयास में यूपीएससी पास कर सफलता प्राप्त कर लेते हैं। लेकिन आज हम आपको एक ऐसी महिला अफसर के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्होंने मात्र 120 की तैयारी में निकाला UPSC एग्जाम क्लियर कर दिया।

आपको बता दें कि मिडिल क्लास फैमिली में पली-बढ़ी तरुणी पांडे डॉक्टर बनना चाहती थीं। MBBS की पढ़ाई का दूसरा साल भी शुरू हो गया था। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए अधिकतम आयु सीमा के बिल्कुल पॉइंट पर खड़ी तरुणी की जिंदगी ऐसी पलटी कि वे पहले ही अटेंप्ट में टॉपर लिस्ट में शामिल थीं और IAS बनीं।

उनकी सक्सेस स्टोरी किसी फिल्म से कम नहीं है, जिसमें संघर्ष, हौसला और कड़ी मेहनत शामिल है। एक हादसा उनके जीवन का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।

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पश्चिम बंगाल में हुआ जन्म

तरुणी पांडे का जन्म पश्चिम बंगाल के चित्तरंजन में हुआ था, लेकिन उनका बचपन झारखंड के जामताड़ा में बीता। यहीं उनकी स्कूलिंग शुरू हुई। मिडिल क्लास फैमिली से आने वाली तरुणी पांडे कहती हैं कि जामताड़ा में उनके परिवार के पास सीमित संसाधन थे। जैसे-तैसे 10वीं क्लास तक की पढ़ाई प्राइवेट स्कूल में हुई। लेकिन आर्थिक तंगी के चलते 10वीं के बाद जामताड़ा के एक सरकारी स्कूल में दाखिला लेना पड़ा।

डॉक्टर बनने का था सपना

सरकारी स्कूल से पढ़ी तरुणी पांडे बचपन से पढ़ाई में होशियार रही हैं। वे आगे डॉक्टर बनना चाहती थीं। 12वीं के बाद सिक्किम के एक मेडिकल कॉलेज में MBBS में एडमिशन भी हो गया। लेकिन उनकी किस्मत में कुछ और ही लिखा था। एमबीबीएस के दूसरे साल में वे बीमार हो गईं और पढ़ाई बीच में छोड़नी पड़ी। वे वापस अपने घर लौट आईं।

IGNOU से की पढ़ाई

एमबीबीएस की पढ़ाई बीच में छूट गई थी। कुछ समझ नहीं आ रहा था। तब उन्होंने इग्नू से ग्रेजुएशन करने का फैसला लिया। उन्होंने इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय (IGNOU) से ग्रेजुएशन और पोस्टग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की। अभी लाइफ का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट बाकी था।

एक हादसे ने बदली जिंदगी

साल 2016 में उनके परिवार को सबसे बड़ा झटका लगा। बड़ी बेटी के पति श्रीनगर में शहीद हो गए। वे CRPF में असिस्टेंट कमांडेंट पद पर तैनात थे। इस हादसे ने पूरे परिवार को तोड़ दिया था। लेकिन आगे एक लंबा जीवन पड़ा था। तब तरुणी की लाइफ ने एक बड़ा टर्निंग पॉइंट आया। अपनी बहन की नौकरी के लिए तरुणी कई ऑफिसर्स से मिल रही थी। तभी उन्हें IAS ऑफिसर की जिम्मेदारी और पावर के बारे में पता चला। एक दिन उन्होंने फैसला किया कि उन्हें सिविल सेवा में जाना है।

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मात्र 120 दिन की तैयारी में निकाला UPSC

स्कूल हो या कॉलेज, अब तक तरुणी ने कभी कोचिंग नहीं ली थी। वे सेल्फ स्टडी में विश्वास रखती थीं। उन्होंने आगे भी बिना कोचिंग यूपीएससी की तैयारी करने का फैसला किया। यह उनका पहला और आखिरी अटेंप्ट में होने वाला था। क्योंकि इसके बाद आयु सीमा की वजह से ने एग्जाम नहीं दे सकती थीं।

उन्होंने यूट्यूब वीडियो, नोट्स और बुक्स से पढ़ाई की। महज 120 दिन की तैयारी के बाद तरुणी पांडे ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2021 दी और पहले अटेंप्ट में सफल हुईं। यूपीएससी एग्जाम में 14वीं रैंक लाकर उन्हें IAS कैडर मिल गया। आईएएस तरुणी पांडे वर्तमान में दिल्ली स्थित संचार मंत्रालय के दूरसंचार विभाग के अंतर्गत भारतीय संचार वित्त सेवा (IP&TAFS) में ग्रुप ए अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं।

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