Search KhabarFast

Press ESC to close

SDM Kajal Saini: किसान की बेटी बनीं SDM, नौकरी के साथ तैयारी कर हासिल किया बड़ा मुकाम

SDM Kajal Saini: किसान की बेटी बनीं SDM, नौकरी के साथ तैयारी कर हासिल किया बड़ा मुकाम

SDM Kajal Saini: उत्तराखंड पीसीएस 2024 के नतीजे घोषित हो गए हैं। इन परिणामों में बेटियों ने फिर बाजी मार ली है। इसमें किसान परिवार की बेटी काजल सैनी ने सफलता हासिल की है। उनका एसडीएम पद पर चयन हुआ है।


नारसन ब्लाक की ग्राम पंचायत सढौली की बेटी काजल सैनी ने उत्तराखंड पीसीएस-2024 में सफलता हासिल कर एसडीएम पद पर चयनित होकर क्षेत्र का मान बढ़ाया है। SDM Kajal Saini


काजल सैनी वर्तमान में वह सचिवालय में सहायक समीक्षा अधिकारी (एआरओ) के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने अपनी उपलब्धि का श्रेय परिवार, शिक्षकों व निरंतर अध्ययन को दिया है।

काजल के पिता रामकुमार सैनी किसान हैं, जबकि माता राजदुलारी गृहिणी हैं। साधारण किसान परिवार से निकलकर प्रशासनिक सेवा तक पहुंचने की उनकी कहानी क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। Kajal Saini SDM

काजल की प्रारंभिक शिक्षा राजीव गांधी नवोदय विद्यालय लंढौरा में हुई। अक्टूबर 2025 में एआरओ के पद पर चयनित होने के बाद भी उन्होंने अपने लक्ष्य को नहीं छोड़ा।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 की उत्तराखंड पीसीएस परीक्षा में वह साक्षात्कार तक पहुंची थीं, लेकिन अंतिम चयन सूची में स्थान नहीं मिल पाया।

काजल का कहना है कि उन्होंने अपनी तैयारी के दौरान सेल्फ स्टडी पर सबसे अधिक भरोसा किया। इंटरनेट मीडिया व अन्य व्यर्थ गतिविधियों से दूरी बनाकर उन्होंने पूरा ध्यान पढ़ाई पर केंद्रित रखा।

उनका मानना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए धैर्य, अनुशासन और निरंतरता सबसे महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने संदेश देते हुए कहा कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो सफलता अवश्य मिलती है।

Leave Your Comments



संबंधित समाचार

IAS Success Story: लाखों की नौकरी छोड़ UPSC की राह चुनी, तीसरे प्रयास में हासिल की ऑल इंडिया 6वीं रैंक

IAS Success Story: आमतौर पर लोग एक अच्छी नौकरी मिलने के बाद अपने करियर को और बेहतर बनाने की दिशा में काम करते हैं। लेकिन कुछ लोग अपने सपनों को पूरा करने के लिए सुरक्षित करियर और आकर्षक वेतन पैकेज तक छोड़ने का साहस दिखाते हैं। ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी है विशाखा यादव की, जिन्होंने लाखों रुपये के पैकेज वाली नौकरी छोड़कर यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की और आखिरकार तीसरे प्रयास में देशभर में छठी रैंक हासिल कर सफलता का नया इतिहास रच दिया।

Success Story: चार बार मिली असफलता, फिर भी नहीं मानी हार; एक बहन बनी IAS तो दूसरी बनी IRS अधिकारी

Success Story: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा देश की सबसे चुनौतीपूर्ण परीक्षाओं में गिनी जाती है। हर साल लाखों अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन सफलता कुछ चुनिंदा उम्मीदवारों को ही मिल पाती है। ऐसे में उत्तर प्रदेश की दो बहनों की कहानी संघर्ष, धैर्य और दृढ़ संकल्प की मिसाल बनकर सामने आई है। लगातार असफलताओं का सामना करने के बावजूद दोनों बहनों ने अपने सपनों को टूटने नहीं दिया। नतीजा यह रहा कि बड़ी बहन भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी बनीं, जबकि छोटी बहन भारतीय राजस्व सेवा (IRS) में चयनित हुईं।

लाइव अपडेट

बड़ी खबरें

Khabar Fast