IAS Roshan Jacob: महाराष्ट्र के चर्चित आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे की सख्त कार्यशैली की तरह अब उत्तर प्रदेश में भी एक महिला आईएएस अधिकारी मिलावटखोरों के खिलाफ कड़ा अभियान चला रही हैं। यूपी में खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ IAS रोशन जैकब की अगुवाई में लगातार कार्रवाई की जा रही है। इस अभियान के बाद नकली और मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने वालों में हड़कंप मचा हुआ है। उत्तर प्रदेश सरकार के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की सचिव और आयुक्त रोशन जैकब की टीम ने अब तक प्रदेश में 2,000 से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी की है। अधिकारियों की टीम ने दुकानों, गोदामों और खाद्य पदार्थों से जुड़े कई प्रतिष्ठानों की जांच की है। कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य लोगों को मिलावटी और असुरक्षित खाद्य सामग्री से बचाना है।
करोड़ों रुपये का सामान जब्त
अभियान के दौरान करीब 11.66 करोड़ रुपये मूल्य के संदिग्ध खाद्य उत्पाद जब्त किए गए। वहीं करीब 63.17 लाख रुपये के असुरक्षित खाद्य पदार्थों को नष्ट कराया गया। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई है। जांच के दौरान मिलावटी दूध, घी, पनीर और दूसरे दुग्ध उत्पादों के अलावा असुरक्षित पैकेटबंद पेयजल से जुड़े मामले भी सामने आए हैं। कई प्रतिष्ठानों के लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई भी की गई है।
मिलावटखोरों के नाम सार्वजनिक करने की तैयारी
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, खाद्य सुरक्षा अभियान को आगे भी जारी रखा जाएगा। मिलावट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के साथ उनके नाम और तस्वीरें सार्वजनिक करने की योजना पर भी काम किया जा रहा है। इससे ऐसे कारोबारियों पर और दबाव बढ़ सकता है।
2025 में मिली थी बड़ी जिम्मेदारी
डॉ. रोशन जैकब को 16 सितंबर 2025 को यूपी एफएसडीए का कमिश्नर नियुक्त किया गया था। पद संभालने के बाद उन्होंने साफ कहा था कि खाद्य सुरक्षा और लोगों के स्वास्थ्य से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। इसके बाद से प्रदेश में खाद्य पदार्थों की जांच तेज हुई है। उनकी टीम ने 3,500 से ज्यादा जगहों का निरीक्षण किया है और कई मामलों में एफआईआर भी दर्ज कराई है।
2004 बैच की IAS अधिकारी हैं रोशन जैकब
रोशन जैकब मूल रूप से केरल के तिरुवनंतपुरम की रहने वाली हैं। वह 2004 बैच की उत्तर प्रदेश कैडर की आईएएस अधिकारी हैं। उन्होंने बीए, एमए और पीएचडी की पढ़ाई की है। उनकी पहली पोस्टिंग बरेली में जॉइंट मजिस्ट्रेट के तौर पर हुई थी। इसके बाद वह बस्ती, गोंडा, रायबरेली, कानपुर नगर, बाराबंकी और बुलंदशहर समेत कई जिलों में जिलाधिकारी के पद पर काम कर चुकी हैं। अब खाद्य सुरक्षा अभियान में उनकी सख्त कार्रवाई चर्चा में है।
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