Machines Resting Tradition on Vishwakarma Puja: हिंदू धर्म में विश्वकर्मा पूजा का विशेष महत्व है। इस दिन लोग भगवान विश्वकर्मा की विधि-विधान से पूजा करते है। इसके अलावा इस दिन कन्या संक्रांति भी पड़ रही है। इस दिन सूर्य सिंह राशि से कन्या राशि में प्रवेश करता है। मान्यताओं के अनुसार, भगवान विश्वकर्मा को सृष्टि का पहला शिल्पकार और देवताओं का वास्तुकार कहा गया है। ऐसा कहा जाता है कि भगवान विश्वकर्मा ने ही स्वर्ग और द्वारका नगरी की रचना की थी। इसलिए इस दिन सामान बनाने वाले औजारों, मशीनों और वाहनों की पूजा की जाती है। लेकिन इस दिन मशीनों को आराम देने की परंपरा का विशेष महत्व है।
विश्वकर्मा पूजा और मशीनों का संबंध
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, विश्वकर्मा पूजा के दिन कारखानों की मशीनों को बंद रखा जाता है। लेकिन ये सिर्फ एक परंपरा नहीं, बल्कि मशीनों, औजारों को आराम देकर उनका आभार व्यक्त किया जाता है। इन औजारों और मशीनों को भगवान विश्वकर्मा का प्रतीक माना जाता है। इसलिए विश्वकर्मा पूजा के दिन सभी तरह की मशीनों और औजारों को इस दिन आराम किया जाता है। यानी इस दिन इनका इस्तेमाल नहीं किया जाता।
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विश्वकर्मा के दिन पूजा कैसे करें?
सबसे पहले ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान कर के साफृसुथरे कपड़े पहनें।
इसके बाद फैक्ट्री, दुकान, गैराज और कार्यलय की साफ-सफाई करें।
इसके बाद मशीनों और औजारों को भी साफ करें।
फिर कार्यलय या कारखानों में पूजा के स्थल के पास चौकी लगाएं और लाल या पीला कपड़ा बिछाएं।
फिर चौकी पर भगवान विश्वकर्मा की तस्वीर या मूर्ति स्थापित करें।
इसके बाद जल भरा कलश रखें और औजारों-मशीनों पर रोली, अक्षत, हल्दी और फूल अर्पित करें।
इसके बाद दिया जलाकर आरती करें।
इस दौरान “ॐ विश्वकर्मणे नमः” का जाप करें।