
Holika Dahan Remedies: होली का त्योहार नजदीक आते ही लोग होलिका दहन की तैयारियां कर रहे हैं। इस साल होलिका दहन 2मार्च 2026 (सोमवार) की रात को प्रदोष काल में किया जाएगा, क्योंकि फाल्गुन पूर्णिमा तिथि शाम 5:55बजे से शुरू होकर 3मार्च शाम 5:07बजे तक रहेगी। कई पंचांगों और ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस रात होलिका की अग्नि में विशेष उपाय करने से भय, कर्ज, नकारात्मक ऊर्जा और जीवन की बाधाओं से मुक्ति मिल सकती है, साथ ही सकारात्मक बदलाव और समृद्धि के योग बनते हैं। ज्योतिष शास्त्र में होलिका दहन को असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक माना जाता है। इस रात की गई पूजा और उपाय विशेष रूप से फलदायी होते हैं।
1. भय और नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति
होलिका दहन की अग्नि में कपूर और हरी इलायची चढ़ाएं। इनके अर्पण से बीमारी, भय और मानसिक तनाव दूर होते हैं। साथ ही, अग्नि की 3, 5या 7बार परिक्रमा करें और मन में नकारात्मक विचारों को जलाने का संकल्प लें। कई लोग लोबान या गुग्गल भी डालते हैं, जिससे वातावरण शुद्ध होता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है।
2. कर्ज और आर्थिक संकट से मुक्ति के लिए
1. होलिका दहन के बाद हनुमान जी की विशेष उपासना करें। शुद्ध देशी घी का दीया जलाकर ऋणमोचक मंगल स्तोत्र या हनुमान चालीसा का पाठ करें। इससे कर्ज का बोझ कम होता है और आर्थिक स्थिरता आती है।
2. एक सूखा नारियल लें, उसमें छेद करके पीली सरसों, काले तिल और कपूर का टुकड़ा डालें। इसे अग्नि में डालते हुए अपनी कर्ज मुक्ति की मनोकामना करें।
3. होलिका की ठंडी राख को लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी या धन रखने की जगह पर रखें। मान्यता है कि इससे अनावश्यक खर्च रुकता है, बचत बढ़ती है और नए आय स्रोत खुलते हैं।
3. जीवन में सकारात्मक बदलाव और समृद्धि के लिए
1. होलिका दहन की अग्नि में हवन सामग्री (जैसे गेहूं, जौ, चना की नई फसल) अर्पित करें। इससे पूरे साल धन-धान्य की कमी नहीं होती।
2. सुबह उठकर होलिका की राख को माथे पर लगाएं, इससे रोग, दोष और नजर दूर होती है।
3. होलिका दहन से पहले विष्णु सहस्रनाम या नारायण कवच का पाठ करें। इससे सभी विघ्न-बाधाएं दूर होती हैं और भगवान विष्णु प्रसन्न होकर सुख-समृद्धि प्रदान करते हैं।
ध्यान रखने योग्य बातें
इस साल होली के आसपास चंद्र ग्रहण का प्रभाव भी रहेगा, इसलिए उपाय शुद्ध मन और श्रद्धा से करें। ग्रहण काल में पूजा से बचें और मुख्य उपाय दहन के समय या बाद में करें। ये उपाय पारंपरिक ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं, व्यक्तिगत कुंडली के अनुसार फल अलग हो सकते हैं।
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